जानिए क्या है नवरात्र पर्व का महत्व?

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नवरात्र सनातनधर्मावलम्वियो का एक अत्यन्त गौरवशाली महत्वपूर्ण महापर्व है होली दिवाली रामनवमी जन्माष्टमी दशहरा आदि पर्वो के समान यह पर्व सम्पूर्ण भारतवर्ष मे व्यापक रूप से मनाया जाता है यह पावन पर्व प्रतिवर्ष दो वार आता है एक तो विक्रमीयसंवत के आरम्भ मे चैत्र शुक्ल पक्ष मे और दूसरा आश्विन शुक्ल पक्ष मे इन दो के अतिरिक्त भी आषाढ शुक्ल एवं माघ शुक्ल मे भी नवरात्र की मान्यता है.

यह विशेष शाक्त धर्मावलम्वी अपने उपासना के अनुसार करते है ।वैसे तो यह नवरात्र पर्व शक्ति उपासको का परम पर्व है किन्तु इसे वैष्णव शैव सौर गाणपत्य सभी सनातनी श्रद्धा और भक्ति पूर्वक मनाते है इस अवसर पर समस्त नर नारी यथा शक्ति उत्तमोत्तम उपचारो से जगज्जननी मा भगवती पराम्वा दुर्गा की सविधि उपासना करते है इस उत्तम पर्व का महत्व केवल धार्मिकता ही नही है अपितु देश काल और समाज सभी को लक्षित करते हुए मनाने का विशेष भाव होना चाहिए यह दोनो वासन्तिक एवं शारदीय नवरात्रो के सम्वन्ध मे समझने की है विशेष रुपेण शरद एवं वसन्त ये दो ऋतुए स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त नही है इस समय अनेक रोगो का आगमन हो जाता है जिससे प्रायःशारीरिक परेशानिया वढ जाती है इसके शमनार्थ उत्तम स्वास्थ्य के लिए पूजा पाठ व्रत उपवास करना चाहिए।आरोग्य सम्वन्धी उपरोक्त दृष्टिकोण के अतिरिक्त इस नवरात्र के शुभ अवसर पर नौ दिनो तक भगवती देवी के मन्दिरो शक्ति पीठो आदि पवित्र स्थलो पर भक्ति भाव सहित जन समुदाय एकत्र होकर विविध प्रकार के उत्सवो का आयोजन करके सौहार्द पूर्वक विभिन्नता मे एकता की अनुभूति करके वसुधैव कुटुम्वकम का सन्देश भी चरितार्थ होता है ।।लघु प्रस्तुति।
।।आचार्य स्वामी विवेकानन्द।।
।।श्रीरामकथा व्यास व ज्योतिर्विद।।
।।श्री अयोध्याधाम।।
संपर्क सूत्र-9044741252

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