मध्य प्रदेश चुनाव: विलायत से की पढ़ाई, राजकुमारी से रचाई शादी दिग्विजय के ‘लाल’ की पूरी कहानी

मध्यप्रदेश की सत्ता पर पिछले तीन बार काबिज बीजेपी को हराकर कांग्रेस हार के वनवास को खत्म करना चाहती है. वहीं, बीजेपी इस बार फिर जीत दर्जकर 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए भूमिका बनाना चाहती है. बीजेपी सत्ता पर पिछले तीन विधानसभा से काबिज है, लेकिन राघोगढ़ पर कांग्रेस को हरा नहीं सकी है, आज भी राघौगढ़ सीट बीजेपी के लिए चुनौती से कम नहीं है. बीजेपी से कांग्रेस उम्मीदवार जयवर्द्धन सिंह मैदान में हैं. जयवर्द्धन सिंह प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के बेटे हैं. उनके दादा बलभद्र सिंह राघोगढ़ के राजा थे. 
राघोगढ़ में जाने जाते हैं सिर्फ दो नाम
राघोगढ़ कांग्रेस का वो अभेद किला है, जहां सिर्फ दो नाम चर्चा में रहते हैं. पहला दिग्विजय सिंह और दूसरा बाबा साहेब यानि दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्द्धन सिंह. दिग्विजय सिंह ने अपनी राजनीतिक और राघोगढ़ की पूरी विरासत जयवर्धन के हवाले कर दी है. दिग्विजय सिंह के किले के गेट के बाहर लोगों की बस्तियां हैं, यहां के लोग जयवर्धन को छोटे राजा साहब कहकर बुलाते हैं.
2013 में पहली बार बने विधायक
नौ जुलाई 1986 में जन्मे जयवर्धन सिंह 14वीं विधानसभा के सबसे छोटे सदस्य थे. उन्होंने 2013 के चुनाव में इसी विधानसभा से चुनाव लड़ा था और 59,000 से अधिक मतों के अंतर जीत हासिल की थी. इतने अधिक मतों से किसी कांग्रेस विधायक ने 2013 में चुनाव नहीं जीता था. उन्होंने बीजेपी के राधेश्याम धाकड़ को हराया था.
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विलायत से ली उच्च शिक्षा
उन्होंने दून स्कूल से पढ़ाई की. उसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से स्नातक की पढ़ाई पूरी की. उसके बाद एमए की पढ़ाई के अमेरिका चले गए. वहां न्यूयॉर्क के कोलंबिया यूनिवर्सिटी से उन्होंने पब्लिक एमिनिस्ट्रेशन में एमए किया.
डुमरिया की प्रिंसेस हा शादी
मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस लीडर दिग्विजय सिंह के बेटे की शादी बिहार के डुमरिया की रॉयल फैमिली की प्रिंसेस श्रीजम्या से 19 मई 2015 को हुई थी. दिग्विजय सिंह की बहू डुमरिया राजघराने के शत्रुंजय शाही की बेटी हैं. शत्रुंजय के पिता रणविजय शाही राष्ट्रीय जनता दल ( राजद) के विधायक भी रह चुके हैं.
पिता से विरासत में मिली राजनीति
1977 से इस सीट पर लगातार कांग्रेस जीतती आई है. कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाले राघोगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने अपनी पैंठ बनाई. 1977, 1980, 1998 और 2003 में हुए विधानसभा चुनाव में दिग्विजय सिंह ने चुनाव जीता. दिग्विजय सिंह दस साल तक मुख्यमंत्री थे.
BJP के भूपेंद्र रघुवंशी से है टक्कर
इस बार बीजेपी ने भूपेंद्र रघुवंशी पर दांव खेला है, जो 2008 में यहां से चुनाव हार चुके हैं. दिग्विजय सिंह इस बार चुनाव प्रचार से भी दूर हैं और टिकट को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया से टकराव की खबरें भी हैं. ऐसे में मुकाबला बेहद दिलचस्प रहने की उम्मीद है.





