‘वक्फ विधेयक पर शिवसेना यूबीटी से समर्थन पाने के लिए भाजपा ने आखिरी वक्त तक कोशिश की’, संजय राउत का दावा

संजय राउत ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि भाजपा ने नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजद पर भी दबाव बनाया था और लोकसभा में वक्फ विधेयक पर बीजद का समर्थन मांगा था।
शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने दावा किया है कि वक्फ विधेयक पर उनकी पार्टी का समर्थन पाने के लिए भाजपा नेताओं ने आखिरी समय तक कोशिश की थी। संजय राउत ने कहा कि भाजपा के केंद्रीय और महाराष्ट्र के शीर्ष नेता उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के संपर्क में थे। शिवसेना यूबीटी नेता ने ये भी दावा किया कि ये विधेयक कानूनी ढांचे में भ्रष्टाचार को लाने और दो लाख करोड़ की जमीन भाजपा के करीबी उद्योगपतियों को देने के लिए लाया गया है।
संजय राउत का दावा- बीजद से भी भाजपा ने समर्थन मांगा था
संजय राउत ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि भाजपा ने नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजद पर भी दबाव बनाया था और लोकसभा में वक्फ विधेयक पर बीजद का समर्थन मांगा था। हालांकि बीजद ने विधेयक का विरोध किया, लेकिन उन्होंने अपनी पार्टी के सांसदों को व्हिप जारी नहीं किया और सांसदों को अपने विवेक से वोट करने की सलाह दी थी।
वक्फ विधेयक को लेकर भाजपा पर निशाना साध रहे संजय राउत
संजय राउत ने कहा कि ऐसा ही उन्होंने हमारे साथ किया, लेकिन हम नहीं माने। अंतिम समय तक भाजपा के महाराष्ट्र और दिल्ली के वरिष्ठ नेता शिवसेना यूबीटी के संपर्क में थे। वक्फ संशोधन विधेयक गुरुवार की रात राज्यसभा से पास हो गया। उससे एक दिन पहले ही लोकसभा से वक्फ विधेयक पारित हुआ था।
राज्यसभा में इस विधेयक पर चर्चा के दौरान भी संजय राउत ने भाजपा पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि ‘सरकार को मुसलमानों की इतनी चिंता हो रही है कि मोहम्मद अली जिन्ना ने भी इतनी चिंता नहीं की थी। जिन्ना की आत्मा कब्र से आकर आपके शरीर में आ गई। पहले लगता था कि हम सब मिलकर हिंदू राष्ट्र बना रहे हैं, ऐसा लगा आप हिंदू पाकिस्तान बना रहे हो।’ राउत ने इसे ट्रंप प्रशासन की तरफ से भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने से ध्यान हटाने की कवायद बताया।