राम मंदिर मुद्दे पर ‘डबल स्टैंडर्ड’ अपना रहे मोहन भागवत, प्रवीण तोगड़िया ने लगाया आरोप

अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने शुक्रवार को अमर उजाला से कहा कि सरकार बनने के कुछ दिन बाद उन्होंने राम मंदिर बनाने के लिए कुछ शीर्ष लोगों के साथ मोहन भागवत से मुलाकात की थी, तो इन्हीं मोहन भागवत ने उन्हें कुछ दिन शांत रहने के लिए कहा था। कुछ दिन बाद जब उन्होंने दोबारा मंदिर की बात उठायी तो उन्हें चुप करवा दिया गया।
आज उन्हें मंदिर की याद सिर्फ इसलिए आ रही है क्योंकि भाजपा सरकारों ने अपने राज्यों में और केंद्र में बेहद खराब प्रदर्शन किया है, उनकी स्थिति खराब हो गई है। ऐसे में जनता से समर्थन पाने के लिए अब यह मुद्दा उछाला जा रहा है। हकीकत यह है कि भाजपा की केंद्र सरकार ने किसानों, छात्रों, बेरोजगारों और उद्योग क्षेत्र में बेहद खराब प्रदर्शन किया है। अपनी कमी छिपाने के लिए ही अब इस तरह का मुद्दा उछाला जा रहा है।
तोगड़िया ने कहा कि 21 अक्टूबर से उन्होंने अयोध्या यात्रा के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी थी। यह यात्रा पूर्णतः लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और अहिंसक होगी। लेकिन यात्रा के महज दो दिन पहले तक भी उन्हें यात्रा की इजाजत नहीं मिली है।
उलटे अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में धारा 144 लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि आज 19 अक्टूबर को भी वे प्रशासन से यात्रा की इजाजत मांगेंगे। अगर उन्हें यात्रा की इजाजत नहीं मिलती है तो वे आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।
तोगड़िया ने कहा कि आरएसएस प्रमुख भागवत का यह भी डबल स्टैण्ड है कि एक तरफ तो वे खुद अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हें उसी मंदिर के लिए अहिंसक और लोकतांत्रिक यात्रा नहीं निकालने दे रहे हैं।





