केजरीवाल का बिजली कंपनियों को अल्टीमेटम, सुधर जाओ वरना लाइसेंस रद्द होगा

बिजली कटौती पर विपक्षी दलों की ओर से हो रही राजनीति की वजह से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बिजली वितरण कंपनियों और ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में डिस्कॉम्स को स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गई कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो लाइसेंस रद्द करने का विकल्प भी मौजूद है। सरकार ने सिस्टम को सुधारने के लिए एक सप्ताह की मोहलत दी है।
बैठक के बाद ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने डिस्कॉम्स के अधिकारियों से कहा है कि बिजली कंपनी की गलती का खामियाजा आम उपभोक्ता क्यों भुगते।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बिजली कंपनी निवेश पर 16 फीसदी का लाभ कमा रही है जो किसी भी व्यवसाय में सबसे ज्यादा है। जैन ने कहा कि सिर्फ लोकल फॉल्ट की वजह से ही बिजली कटौती हो रही है।
डिस्कॉम्स ने पिछले 14 वर्षो में मरम्मत और रखरखाव का सही तरीके से काम नहीं किया। जैन ने कहा कि बिना सूचना के एक घंटे से ज्यादा की बिजली कटौती होने पर उपभोक्ताओं को मिलने वाले जुर्माने के प्रावधान पर एक सप्ताह के अंदर दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग फैसला सुना देगी।
आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने के पहले ही बिजली और पानी को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया था।





