पाकिस्तानी क्रिकेटरों पर मंडराया दो साल के बैन का खतरा, विवादित लीग में खेलने को लेकर टूटी आफत

पाकिस्तान के दर्जन भर से ज्यादा क्रिकेटरों पर दो साल के बैन का खतरा मंडरा रहा है। इसका कारण उनका जाम्बिया में अस्वीकृत लीग में हिस्सा लेना है। इस लीग को देश के क्रिकेट बोर्ड ने बीच में ही रोक दिया था और इसी कारण खिलाड़ियों को मिलने वाली फीस भी अधर में लटक गई है।

लुसाका में खेली जा रही एशियन लीजेंड्स लीग में तमाम पूर्व क्रिकेटरों को खेलते हुए देखा गया, लेकिन जाम्बिया क्रिकेट यूनियन ने पिछले सप्ताह ये साफ कर दिया था कि उसने इस लीग को मान्यता नहीं दी है और न ही क्रिकेट बोर्ड इस लीग का समर्थन करता है।

पीसीबी ने दी चेतावनी

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने कहा है कि वह अपने पूर्व खिलाड़ियों द्वारा इस लीग में हिस्सा लेने के मामले को गंभीरता से ले रहा है। बोर्ड ने साथ ही चेतावनी भी दी है कि जो भी खिलाड़ी बिना अनुमति लीग में हिस्सा लेगा उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

क्रिकइंफो की रिपोर्ट के मुताबिक, मोहम्मद हफीज, सोहेल तनवीर और उमर अकमल लीग में हिस्सा लेने लुसाका पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने इसमें हिस्सा नहीं लिया क्योंकि उन्हें इस बात की जानकारी मिल चुकी थी खेलने के लिए जो अनुमति चाहिए वो मिली नहीं है। हालांकि, कई अन्य पूर्व क्रिकेटरों ने इस लीग में हिस्सा लिया है।

दो साल के बैन का खतरा

पीसीबी ने कहा है कि जिन खिलाड़ियों ने बिना जरूरी मंजूरी मिले लीग में हिस्सा लिया है उनको दो तरह की बड़ी सजा मिल सकती है। पीसीबी ने कहा, “बिना अनुमति के हिस्सा लेने पर खिलाड़ियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी जिसमें मान्यता प्राप्त लीग में हिस्सा लेने के लिए पीसीबी द्वारा एनओसी हासिल करने पर दो साल का बैन और इसके अलावा पीसीबी और पीएसएल में कोचिंग, सलाहकार या मेंटर जैसे तमाम रोल के लिए दो साल का बैन शामिल है।”

इस लीग में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों में इमरान नजीर,यासिर शाह, मोहम्मद इरफान, राहत अली, हसन रजा और यासिर बट के नाम शामिल हैं।

नहीं मिले पैसे

लीग में खिलाड़ियों को भी कई तरह की समस्या का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को रहने, ट्रेवल करने और पेमेंट को लेकर समस्या का सामना करना पड़ा है।

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