जानें शपथ के दौरान उद्धव के मंच पर क्यों नहीं दिखी वो रौनक जो दिखनी चाहिए थी

महाराष्ट्र में MVA (महाराष्ट्र विकास अघाड़ी) की सरकार ने सत्ता संभाल ली है. राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में गुरुवार को उद्धव ठाकरे ने शपथ ली. हालांकि समारोह में कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण जैसी तस्वीर नजर नहीं दोहराई जा सकी. शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन की सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में कई बड़े दिग्गज नहीं शामिल हुए. वहीं, कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार के शपथ ग्रहण में विपक्षी दलों के कई दिग्गज एक मंच पर दिखे थे.

सोनिय-राहुल समारोह में नहीं हुए शामिल

28 नवंबर का दिन ठाकरे खानदान के लिए ऐतिहासिक रहा. इस दिन की तैयारियां भी शिवाजी पार्क में जोरों पर कई गई थीं. शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए पीएम मोदी के साथ-साथ बीजेपी से दूरी रखने वाले कई दलों के नेताओं को न्योता दिया गया था, लेकिन खुद कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए.

आदित्य ठाकरे ने दिल्ली आकर दिया था न्योता

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सोनिया गांधी और पूर्व पीएम डॉक्टर मनमोहन सिंह को आदित्य ठाकरे ने दिल्ली आकर न्योता दिया था. वहीं, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू सहित कई नेताओं ने कार्यक्रम से किनारा कर लिया. बड़े चेहरों में डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन, टीआर बालू और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ही नजर आए.

कुमारस्वामी के मंच पर दिखी थी विपक्षी ताकत

23 मई 2018 को कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान मंच पर विपक्षी एकजुटता की तस्वीर देखने को मिली थी. मंच पर यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, कुमारस्वामी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, बसपा प्रमुख मायवती और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी नजर आए थे.

बता दें कि कर्नाटक में 14 महीने जेडीएस-कांग्रेस गठबंदन की सरकार चल पाई थी. कुमारस्वामी के हाथों से सत्ता निकलने के बाद बीएस बीएस येदियुरप्पा चौथी बार सीएम बने थे. फिलहाल कर्नाटक में बीजेपी की सरकार है. गौरतलब है कर्नाटक विधानसभा चुनाव में 104 सीटें जीतकर बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जबकि कांग्रेस को 78 सीटें और जेडीएस को 37 सीटें मिली थी. 

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