राजनीति की दुनिया में यह पहली बार हुआ, जब केजरीवाल ने कहा अब नहीं करेंगे…

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पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों और दिल्ली के राजौरी गार्डन उपचुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद आप ने अपने काम-काज की समीक्षा के बाद ऐसा फैसला लिया है। आगामी एमसीडी चुनाव में पार्टी लोगों के बीच अपनी सुधरी हुई छवि ले जाना चाहती है।
बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान आप ने मोदी पर सीधे हमला करने की रणनीति अपनाई थी। केजरीवाल ने इस दौरान वाराणसी से मोदी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था। अब एमसीडी चुनाव में पार्टी अपनी छवि बदलना चाहती है। हाल की कई रैलियों और प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी को निशाना नहीं बनाकर आप ने इसके संकेत भी दिए हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आप अब फिर से 2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए सकारात्मक प्रचार की तरफ लौटेगी। सूत्र की मानें, तो आप वही रणनीति अपना रही है, जो उसने 2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपनाया था। तब पार्टी अपने 49 दिनों के अंदर किए गए कार्यों को लेकर जनता के बीच गई थी। इसके बाद हुए चुनाव में आप को दिल्ली की कुल 70 सीटों में से 67 सीटों पर जीत मिली थी।
2015 में काम आई थी पार्टी की रणनीति
पार्टी सूत्र की मानें, तो एमसीडी चुनाव में मोदी को निशाना बनाए जाने की पार्टी की रणनीति काफी खतरनाक साबित हो सकती है। बता दें कि पंजाब में हुए विधानसभा चुनाव में आप ने बेहद खराब प्रदर्शन किया था। उसे 117 सीटों में से सिर्फ 20 सीटें ही मिली, वहीं गोवा में पार्टी अपना खाता भी नहीं खोल पाई।





