गेटमैन को अगवा कर नक्सलियों ने पटना-हावड़ा रूट पर रोक दीं ट्रेनें

जमुई/पटना.शहादत सप्ताह मना रहे नक्सलियों के खौफ से हावड़ा-पटना रूट पर सात घंटे ट्रेनें नहीं चलीं। नक्सलियों द्वारा गेटमैन को अगवा कर लिए जाने के बाद विभिन्न ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर सुरक्षा के मद्देनजर सुबह होने तक रोक कर रखा गया। नक्सलियों ने बुधवार रात के करीब 11:45 बजे किऊल- जमुई रेलखंड के शहीद जितेंद्र हाल्ट के पास से गेटमैन मुन्नी मंडल को अपने कब्जे में करते हुए रेलवे को धमकी दी कि यदि ट्रेन परिचालन बंद नहीं किया गया, तो यात्रियों और रेल को बड़ा नुकसान का सामना करना पड़ेगा।

– नक्सलियों की धमकी को सुनते ही रेलवे के वरीय अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए राजेंद्र नगर दुर्ग एक्सप्रेस ट्रेन को भलुई रेलवे स्टेशन, हावड़ा से रक्सौल जा रही हावड़ा-रक्सौल को जमुई रेलवे स्टेशन एवं हावड़ा से अमृतसर जा रही हावड़ा अमृतसर एक्सप्रेस को झाझा रेलवे स्टेशन पर रोक दिया।
– इतना ही नहीं इस रूट से चलने वाली सभी ट्रेनों की रफ्तार बुधवार की रात 12 बजे से पूरी तरह थम गई। जो ट्रेनें इस रास्ते से जाने वाली थी वे जहां थी वहीं रोक दी गई। नक्सलियों द्वारा ट्रेन परिचालन नही रोकने पर बुरा अंजाम भुगतने की महज धमकी मात्र से ही रेलवे के पहिए थम गए।
– सुबह 5 बजे ट्रैक की जांच के बाद मालगाड़ी़ चलाई गई। फिर यात्री ट्रेनें चलीं। नक्सलियों का मकसद अपने शहादत सप्ताह के दौरान बिहार- झारखंड में बुलाए गए बंद को सफल बनाना और नक्सलियों ने परिचालन ठप कर मंशा पूरी की।
सुबह रेलवे लाइन की जांच हुई, कहीं विस्फोटक तो नहीं; तब चलीं ट्रेनें
– धीरे-धीरे यात्रियों को जब पता चला कि नक्सलियों द्वारा रेलवे को बंद कराया गया है तो सभी यात्रियों की जान हलक में अटक गई। लोग अपनी-अपनी सीट पर जाकर दुबक गए। धमकी के बाद रेलवे ने फैसला यह लिया कि सुबह लोको पायलट ट्रेन से ट्रैक की जांच करवाने के बाद ही वाहनों को रवाना किया जाएगा, क्योंकि आशंका थी की नक्सली कहीं रेलवे लाइनों में विस्फोटक तो नहीं लगा रखे है।
– सुबह करीब पांच बजे लोको पायलट ट्रेन से पहले ट्रैकों की जांच की गई और फिर जमुई रेलवे स्टेशन से कुछ दूर पहले चौरा हाल्ट पर रुकी एक मालगाड़ी को अप मेनलाइन से क्रॉस कराया गया। गुरुवार की सुबह 07:13 मिनट पर भलुई से, 7:18 में जमुई से ट्रेन का परिचालन शुरू कराया गया।
रात भर सुनसान में खड़ी रहीं ट्रेनें, दहशत में यात्री
– रेलवे द्वारा नक्सलियों के धमकी के बाद जिस तरह रेल परिचालन को पूरी तरह ठप कर दिया गया था जो ट्रेनें जहां थी वहीं खड़ी कर दी गई। कुछ देर तो यात्रियों को लगा कि ट्रेन खुलेगी, लेकिन आधा घंटा तक जब ट्रेन नहीं खुली तो लोगों में दहशत का माहौल व्याप्त होने लगा।
– रेलवे द्वारा नक्सलियों के धमकी के बाद जिस तरह रेल परिचालन को पूरी तरह ठप कर दिया गया था जो ट्रेनें जहां थी वहीं खड़ी कर दी गई। कुछ देर तो यात्रियों को लगा कि ट्रेन खुलेगी, लेकिन आधा घंटा तक जब ट्रेन नहीं खुली तो लोगों में दहशत का माहौल व्याप्त होने लगा।
– कुछ लोग नीचे उतर कर जब ट्रेन के रुकने का कारण पूछ रहे थे तो उन्हें कुछ भी बताया नहीं जा रहा था। जिस कारण यात्रियों में भय का माहौल बन गया। रात भर लोग दहशत में रहे।





