कश्मीर के गांदरबल में सेना-पुलिस के टकराव के बाद बयानबाजी में कूदे अलगाववादी

मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में सेना के जवानों और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव में राजनीति शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ने मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना के बारे में अधिकारियों से स्पष्टीकरण की मांग की है। अलगाववादियों ने इस घटना को उन लोगों के लिए आंखें खोलने वाली घटना बताया है जो सरकार के वफादार बनते हैं।
कश्मीर के गांदरबल में सेना-पुलिस के टकराव के बाद बयानबाजी में कूदे अलगाववादी
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जिन सेना के जवानों ने मारपीट की है उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच शुरू की गई है। जिन्होंने भी घटना को अंजाम दिया है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने घटना की निंदा करते हुए उन जवानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जिन्होंने गुंड पुलिस स्टेशन में घुसकर पुलिस के जवानों की पिटाई की। उमर ट्वीट में लिखा, सेना ने पुलिस थाने में जम्मू-कश्मीर पुलिस कर्मियों को क्यों मारा? इसके लिए अधिकारियों द्वारा तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।

अलगाववादियों ने कहा कि यह उन लोगों के लिए आंखें खोलने वाली घटना है जो सरकार के प्रति ज्यादा वफादार हैं। अगर यह हाल वर्दीधारियों का है तो सिविलियन का क्या होगा। हुर्रियत (जी) के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी ने कहा कि इससे लोगों की आंखें खुलनी चाहिए कि अगर वर्दीधारियों का यह हाल है तो फिर सिविलियन कितने खुशकिस्मत हैं।

यह उन अधिकारियों के लिए सबक है जो पदक और भौतिक लाभ के लिए राजा के प्रति अधिक वफादार व्यवहार करते हैं। हुर्रियत (एम) के अध्यक्ष मीरवाइज मोलवी उमर फारूक ने ट्वीट किया कि यह सुनकर काफी अफसोस हुआ कि सेना द्वारा उन कश्मीरी पुलिसकर्मियों के साथ गंभीर मारपीट की गई जो राज्य के उत्पीड़न के सहायक हैं।

 
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