ऐसे रखें? स्वाद के साथ सेहत का ख्याल…

त्योहार बीत चुके हैं अब पीछे बचे हैं उनके आफ्टर इफेक्ट। जिसमें घर का खालीपन तो है ही साथ ही शरीर की थकान भी शामिल है। त्योहार भर तो आपने जी-भरके मिठाइयों और तेल-घी से बने व्यंजनों का स्वाद लिया। हां, अब अगर आपने सेहत की अनदेखी कर दी तो यह ठीक नहीं होगा। अब समय है सेहत का ख्याल रखने का, क्योंकि अक्सर सर्दियों में लोग एक्सरसाइज को अवॉइड कर देते हैं।
ऐसे में पूरी जिम्मेदारी आ जाती है खान-पान पर। देखें लेबल पर दी जानकारी शिवाजी नगर की गृहणी ज्योति शर्मा बताती हैं, ‘एक कुकिंग प्रोग्राम में मैंने देखा था कि किसी एक तेल के बजाय बदल-बदलकर और कांबिनेशन में तेल यूज करना चाहिए।
इससे शरीर को एक साथ जरूरी फैट्स मिल जाते हैं। ऑलिव ऑयल, सरसों, मूंगफली, कनोला, सनफ्लावर आदि में पाए जाने वाले ओमेगा-3 व ओमेगा-6 शरीर के लिए लाभदायक होते हैं। इसके अलावा मैं हर बार खरीददारी के दौरान बॉटल के लेबल पर दी जानकारी को पूरी तरह परखकर ही तेल लेती हूं।’
कौन से तेल हैं खराब
चाहे सब्जी बनानी हो या डीप फ्राई करना हो, तेल का इस्तेमाल करती ही होंगी पर कैसा तेल है आपकी सेहत का दोस्त, इस बारे में शेफ मुन्नाराज बताते हैं, ‘खाने के तेल को अगर बहुत अधिक या तेज आंच पर गर्म किया जाता है तो उसकी केमिकल बांडिंग बदल जाती है। यह सेहत के लिए अच्छा नहीं। कई बार लोग वनस्पति घी का प्रयोग करते हैं जो स्वाद में देसी घी जैसा लगता है।
इसमें ट्रांस फैट काफी पाया जाता है जो शरीर को नुकसान पहुंचाता है। यह शरीर में सूजन बढ़ाता है। चिप्स, नमकीन, बेकरी प्रोडक्ट्स, जंक फूड आदि के अलावा रेस्त्रां और स्ट्रीट फूड में भी काफी मात्रा में ट्रांस फैट होता है, क्योंकि यहां एक ही तेल का प्रयोग बार-बार किया जाता है।’
रखें दिल का ख्याल
हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. आरती लालचंदानी बताती हैं, ‘शरीर की सभी कोशिकाओं में कॉलेस्ट्रॉल पाया जाता है। यह हमारे नर्वस सिस्टम से लेकर डाइजेशन तक में मदद करता है लेकिन इसकी ज्यादा मात्रा होने पर यह आर्टरीज में जमा होने लगता है और दिल की बीमारी की वजह बनता है।
कई बार जमा कॉलेस्ट्रॉल का कोई हिस्सा टूटकर आर्टरीज को ब्लॉक कर देता है, जिससे हार्ट अटैक या स्ट्रोक हो सकता है। इसीलिए खाने में कॉलेस्ट्रॉल पर कंट्रोल रखना बहुत जरूरी होता है। इसके लिए जरूरी है कि हम ट्रांस फैट और रिफाइंड कार्बोहाइडे्रट न खाएं। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि आप अपने खाने से घी-तेल या मक्खन जैसी चीजें निकाल दें।’
सर्दियों में लोग अक्सर एक्सरसाइज करने में आनाकानी करते हैं। ऐसे में जरूरी है कि हम बैलेंस्ड डाइट लें। आईआईटी में होम्योपैथी के कंसलटेंट डॉ. संदीप मिश्रा कहते हैं, ‘ऐसा नहीं है कि आप बिल्कुल तेल नहीं खाएंगे तो स्वस्थ रहेंगे। ऐसा करने से स्किन में रूखापन, बाल झडऩे, प्रतिरोधक क्षमता में कमी और जोड़ों में दर्द हो सकता है। ऐसी चीजें खाएं जिनमें फाइबर खूब हो, जैसे गेहूं, ज्वार, बाजरा, सोयाबीन, दलिया, स्प्राउट्स, ओट्स जई आदि। आटे में चोकर मिलाकर इस्तेमाल करें।
हरी सब्जियां, साग, शलजम, बींस, मटर ओट्स, अलसी आदि खाएं। इनमें फॉलिक एसिड होता है जो कॉलेस्ट्रॉल लेवल को मेंटेन रखता है। मेथी, लहसुन, प्याज, हल्दी, बादाम आदि खाएं, इनसे कॉलेस्ट्रॉल कम होता है। इसके अलावा चीनी के बजाय गुड़ या शहद खाए। मिठाई कम खाने से कॉलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है। कोशिश करें कि मिठाई मैदे के बजाए मावे या पनीर की बिना या कम तेल की खाएं।’
न छोड़े एक्सरसाइज
जरूरी नहीं है कि आप जब तक जिम में जाकर पसीना नहीं बहाएंगी तब तक आप स्वस्थ नहीं रह सकतीं। इसके दूसरे विकल्पों के बारे में फिजिकल ट्रेनर गौरी शर्मा बताती हैं, ‘कॉलेस्ट्रॉल और दिल को दुरुस्त रखने के लिए रोजाना 10 हजार कदम चलना चाहिए जो कि आमतौर पर करीब 6 किमी. होता है। रोजाना इतना चलना मुमकिन नहीं इसलिए सप्ताह में 80 मिनट की ब्रिस्क वॉक यानी तेज वॉक और जॉगिंग जरूर करें। रोजाना कम से कम आधा घंटा कार्डियो एक्सरसाइज करें।
इसमें तेज वॉक जॉगिंग, साइक्लिंग, स्विमिंग, एरोबिक्स, डांस आदि गतिविधियां शामिल कर सकती हैं। एक्सरसाइज शुरू करने से पहले 5 मिनट वॉर्मअप जरूर करें। साथ ही योग और प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करें। इसमें आसन, ध्यान, गहरी सांस और अनुलोमविलोम को जरूर शामिल करें। सुबह-शाम 10 मिनट मेडिटेशन करें। इससे शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है साथ ही ब्लडप्रेशर कंट्रोल होता है।





