सीजफायर उल्लंघन की आड़ में पाक से हुई है बड़ी घुसपैठ की साजिश, मिले खुफिया इनपुट

नियंत्रण रेखा पर लगातार सीजफायर उल्लंघन की आड़ में 39 आतंकी घुसपैठ करने में सफल रहे हैं। बर्फ पिघलने के शुरुआत के साथ ही पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की ओर से आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए सीजफायर के उल्लंघन की घटनाओं में तेजी आई। पाकिस्तान औसतन प्रतिदिन गोलाबारी कर आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश करता रहा है।

सेना ने पाकिस्तान की ओर से किए जा रहे 150 से अधिक घुसपैठ के प्रयासों को नाकाम किया है, लेकिन सीजफायर उल्लंघन की आड़ में हाल के दिनों में 39 आतंकी घुसपैठ में सफल रहे हैं। इन पाकिस्तानी आतंकियों की तलाश की जा रही है।सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक घुसपैठ की कोशिशें कश्मीर के उड़ी और जम्मू संभाग के पुंछ सेक्टर में सबसे अधिक हो रही हैं।
हिजबुल मुजाहिदीन के चीफ सलाहुद्दीन को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किए जाने के बाद से पीओके में हिजबुल के आतंकियों के शिविरों में हलचल तेज है। पुंछ से सटे पीओके के इलाकों में सलाहुद्दीन ने एक सप्ताह तक कैंप किया है। हिजबुल के छह लांचिग पैड उस इलाके में हैं। उड़ी सेक्टर में लश्कर-ए-तैयबा के फिदायीन दस्ते लगातार घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं। उड़ी में सेना ने तीन माह में घुसपैठ की 24 कोशिशों को नाकाम किया है।
सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि आतंकी संगठनों ने आतंकी बुरहान वानी की बरसी के मौके पर जम्मू और कश्मीर में एक साथ कई हमलों की साजिश रची है। बुरहान की बरसी के दिन शनिवार को बांदीपोरा में छोटा हमला हुआ। सेना और सुरक्षा बलों की सतर्कता के कारण आतंकियों की साजिश नाकाम हुई है, लेकिन खतरा बरकरार है।
आतंकियों द्वारा अमरनाथ यात्रियों पर अंधाधुंध फायरिंग कर देश भर में माहौल बिगाड़ने की साजिश संबंधी इनपुट अनंतनाग के एसएसपी को मिले थे। उसके बाद पूरे कश्मीर में सघन तलाशी अभियान में नौ आतंकी ढेर किए गए। घाटी में पहले से मौजूद आतंकियों को घेरकर मारने का अभियान चल रहा है। ताजा घुसपैठ कर आने वाले फिदायीन दस्तों से खतरा ज्यादा है।
आतंकी बुरहान वानी की बरसी पर शनिवार से 13 जुलाई तक अलगाववादियों ने हड़ताल और विरोध प्रदर्शनों का आयोजन किया है। सुरक्षा बलों ने पहले दिन इस प्रयास को विफल कर दिया है। कश्मीर में लगभग 1500 अलगाववादी, पत्थरबाज और उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया है। अमरनाथ यात्रा के आधार शिविरों के अलावा हाईवे और यात्रा मार्ग पर सुरक्षा बलों की तैनाती पिछले साल की तुलना में लगभग दोगुनी बढ़ाई गई है।





