लखनऊ मेट्रो : अंडरग्राउंड ट्रैक बनाने के लिए होगी मिट्टी की जांच

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी में इस समय मेट्रो का काम जोरो से चल रहा है। ऐसे में लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन (एलएमआरसी) के अंडरग्राउंड ट्रैक के लिए भूमिगत खुदाई का काम मिट्टी जांच के रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा।
लखनऊ मेट्रो रेल के चारबाग से के.डी. सिंह बाबू स्टेडियम के बीच तीन अंडरग्राउंड स्टेशन बनने हैं। मिट्टी परीक्षण के लिए ड्रिलिंग मशीनों के जरिए जमीन के भीतर 30 से 40 मीटर से तक खुदाई कर मिट्टी का सैंपल जांच के लिए लैब में भेजा गया था। इसकी रिपोर्ट एलएमआरसी को मिल गई है।
रिपोर्ट की प्रति कार्य का जिम्मा संभाल रही कंपनी टाटा-गुलेरमैक को भी दी जाएगी। कंपनी की ओर से बताया गया है कि लखनऊ मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट की खुदाई अगस्त में शुरू हो जाएगी। एलएमआरसी के अधिकारियों के मुताबिक, चारबाग से स्टेडियम के बीच अंडरग्राउंड सेक्शन के साढ़े तीन किलोमीटर रूट की खुदाई टनल बोरिंग मशीन से होगी। यह दूरी करीब 3.50 किलोमीटर होगी।
इस दूरी के बीच में तीन स्टेशन हुसैनगंज, सचिवालय और हजरतगंज में एलआईसी बिल्डिंग के ठीक सामने होंगे। इन तीन स्टेशनों का काम और अंडरग्राउंड ट्रैक का काम पिछले आठ किलोमीटर से कहीं अधिक जटिल होगा, जिसमें यातायात पर भी अच्छा खासा प्रभावित होगा।
बताया गया है कि स्टेशन के लिए 85 गुणे 22 मीटर जमीन की जरूरत ऊपर पड़ेगी। मगर भूमिगत की दशा में 300 गुणे 30 मीटर जमीन लेनी पड़ेगी।
लखनऊ मेट्रो से पहले भी कई शहरों के पुल गिर चुके हैं
यह कोई पहली बार नहीं है कि मेट्रो बनने के लिए बनाये गए पुल गिर गए हों। इससे पहले भी कई बार पुल गिरने के वजह से लोगों की मौत हो गयी है। इससे पहले भी पूर्वी दिल्ली के विकास मार्ग इलाके में मेट्रो रेल का निर्माणाधीन ढांचा गिरने से दो की मौत हो गई, जबकि 12 घायल हो गए थे। इस हादसे में 5 वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद दिल्ली पुलिस, मेट्रो व फायरकर्मी मौके पर पहुंच गए।
इसके अलावा कोलकाता में भी निर्माणाधीन पुल गिरने से 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 80 लोग घायल हुए थे। हादसे में करीब 150 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही थी। राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर एनडीआरएफ की दो टीमें, सेना के जवान और तमाम एजेंसियां जुटी हुईं थी।





