राजस्थान सरकार अब जयपुर और दिल्ली के बीच इलेक्ट्रिक बसें चलाने की कर रही तैयारी
दिल्ली और एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए राजस्थान सरकार अब जयपुर और दिल्ली के बीच इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी कर रही है। वर्तमान में देश के तीन राज्यों में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हो रहा है। प्रदूषण से लोगों को मुक्ति दिलाने के लिए अशोक गहलोत सरकार ने सुपर-लग्जिरी बस सेवाओं को संचालित करने का मन बनाया है। राज्य परिवहन निगम ने जयपुर से दिल्ली के बीच डेढ़ दर्जन इलेक्ट्रीक बसें संचालित करने को लेकर मुख्यमंत्री से अनुमति मांगी है। सरकार से बजट आवंटित होती ही बसों की खरीद का काम शुरू हो जाएगा। इलेक्ट्रिक बसों की आपूर्ति करने वाली कंपनी से रोडवेज अधिकारियों की बातचीत पूरी हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार, परिवहन निगम जयपुर से दिल्ली और जयपुर से आगरा के बीच कुल 65 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करना चाहता है। इसके तहत प्रथम चरण में जयपुर से दिल्ली के बीच डेढ़ दर्जन बसों का संचालन किया जाएगा। 65 बसों की खरीद के लिए सरकार से 100 करोड़ के बजट की मांग की गई है। इलेक्ट्रिक बस में दो बैट्री होगी। एक बार बैट्री पूरी तरह से चार्ज होने पर बस 200 किलोमीटर तक का सफर तय करेगी। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने बताया कि इलेक्टिक बसें खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। इन बसों के संचालन से प्रदूषण कम होगा और साथ ही परिवहन निगम की आय बढ़ेगी। इन बसों की खरीद को लेकर बुधवार को परिवहन निगम और वित्त विभाग के अधिकारियों की इलेक्ट्रिक बसों की आपूर्ति करने वाली कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई है। जयपुर से दिल्ली के बीच इन बसों का संचालन सफल रहने के बाद अगले चरण में जयपुर से आगरा के बीच इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएगी।
प्रदेश के दो जिले एनसीआर में हैं शामिल
वर्तमान में उत्तर प्रदेश,हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हो रहा है। इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करने वाला राजस्थान देश का चौथा राज्य होगा। परिवहन मंत्री का दावा है कि इन बसों के खरीदने से जहां प्रदूषण कम होगा, वहीं डीजल की बचत होगी। इन बसों का मेंटीनेंस चार्ज भी कम होता है।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों चार से पांच दिन तक दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण की गंभीर समस्या हो गई थी। राजस्थान के अलवर और भरतपुर जिले एनसीआर में आते हैं।





