यहां जानवर नहीं इंसान रहते हैं लोहे के छोटे-छोटे पिंजरों में

people-living-in-metal-cage-560e5f4e1386c_gहांगकांग अपनी लाइफस्टाइल और खूबसूरती के लिए दुनिया भर में मशहूर है। लेकिन इस शहर का एक दूसरा पहलू भी है, जिसके बारे में कम ही लोग जानते होंगे। दरअसल, हांगकांग में ऐसे लोग भी हैं, जो महंगे घर नहीं खरीद सकते। इस कारण इन लोगों को जानवरों की तरह पिंजरे में रहना पड़ता है।

people-living-in-metal-cage-560e5f6c8cc20_gलोहे से बने ये पिंजरे खरीदना भी इन गरीबों के लिए चुनौती है। इसके लिए भी इन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ती है।

 

 

 

 

 

 

people-living-in-metal-cage-560e5f9e7a293_gएक पिंजरे की कीमत लगभग 11 हजार रुपए तक होती है। इन पिंजरों को खंडहर में तबदील हो चुके मकानों में रख दिया जाता है।

 

 

 

 

people-living-in-metal-cage-560e5fb4d6bd2_gऐसी मजबूरी में पिंजरों के अंदर एक-एक अपार्टमेंट में 100-100 लोग रहते हैं और एक अपार्टमेंट में सिर्फ दो ही टॉयलेट होते हैं, जिससे इन लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता हैं।

people-living-in-metal-cage-560e5fde78f51_gइतना ही नहीं, पिंजरों की साइज भी निर्धारित होती है। कोई पिंजरा छोटे केबिन के बराबर होता है, तो कोई ताबूत के आकार का होता है।

 

 

 

 

 

 

 

people-living-in-metal-cage-560e5ff67af27_gसोसाइटी फॉर कम्युनिटी आर्गनाइजेशन के अनुसार, इस तरह के घरों में लगभग एक लाख लोग रह रहे हैं।

 

 

 

 

 

 

people-living-in-metal-cage-560e601875053_gसोसाइटी फॉर कम्युनिटी आर्गनाइजेशन के अनुसार, इस तरह के घरों में लगभग एक लाख लोग रह रहे हैं।

 

 

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