“महाबलीपुरम” भारत के प्राचीन वास्तुशिल्प में से एक

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दक्षिण भारत के तमिलनाडु में स्थित महाबलीपुरम नगर बंगाल की खाड़ी पर स्थित एक ऐतिहासिक नगर है जो ‘मामल्लपुरम’ भी कहलाता है, इसका एक अन्य प्राचीन नाम बाणपुर भी है. यह  चेन्नई से 60 किलोमीटर दूर स्थित है और भारत के प्राचीन वास्तुशिल्प और विशाल तट-स्थलों के लिए प्रसिद्ध है. आइये जानते है इस नगर के कुछ आकर्षण स्थलों के बारे में "महाबलीपुरम" भारत के प्राचीन वास्तुशिल्प में से एक

अर्जुन्स पेनेन्स : इसकी विशाल नक्काशी के लिए अर्जुन्स् पेनेन्स को मात्र महाबलिपुरम या तमिलनाडु की गौरव ही नहीं बल्कि देश का गौरव माना जाता है यह मंदिर पत्थरों पर की गई सबसे विशाल नक्काशी के लिए लोकप्रिय है, इसमें व्हेल मछली के पीठ के आकार की विशाल शिलाखंड पर ईश्वर, मानव, पशुओं और पक्षियों की आकृतियां उकेरी गई हैं.

वराह गुफा :  यह गुफा भगवान विष्णु के वराह और वामन अवतार की नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है, इसमें पल्लव के चार मननशील द्वारपालों के स्तम्भ पर नक्काशी लिए भी वराह गुफा चर्चित है.

मुट्टुकाडु : महाबलिपुरम से 21 किमी. की दूरी पर मुट्टुकाडु स्थान है जहाँ जाकर आप कई वाटर स्पोर्ट्स जैसे- नौकायन, केनोइंग, कायकिंग और विंडसर्फिग आदि जलक्रीड़ाओं का आनंद ले सकते है.

महाबलिपुरम नृत्य पर्व : महाबलिपुरम का यह नृत्य पर्व जनवरी और फ़रवरी महीने मनाया जाता है. इस पर्व में बजने वाले वाद्य यंत्रों का संगीत और समुद्र की लहरों का प्राकृतिक संगीत की एक अनोखी आभा इस नृत्य का आनंद और बढ़ा देते है .

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