बुढ़ापा पेंशन 500 से 750 कर सकती सरकार, चुनाव में वादा था 2000 करने का

बठिंडा.पंजाब का बजट 20 जून को पेश होगा। यह कैप्टन सरकार का पहला बजट है। कर्ज माफी जैसे बड़े-बड़े वादे करके दस साल बाद सत्ता में आए कैप्टन बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं। वित्तमंत्री मनप्रीत बादल इन दिनों हर रोज विभिन्न महकमों के मंत्रियों से मीटिंगें करके चुनाव घोषणा पत्र में उनके महकमों से संबंधित स्कीमों को बजट में डालने का काम कर रहे हैं।

कैप्टन का पहला बजट 20 को
बुढ़ापा पेंशन 500 से बढ़ाकर 750 की जा सकती है। इसका प्रावधान बजट में किया जाएगा। हालांकि चुनाव से पहले सरकार ने पेंशन 2000 करने की घोषणा की थी लेकिन पहले बजट में 250 रुपए महीना बढ़ाने से इसकी शुरुआत होगी। ऐसा करने से लगभग 450 करोड़ का बोझ पड़ सकता है। सरकार ने पहले ही इसे आधार के साथ लिंक करने का आदेश दे दिया है। सरकार को उम्मीद है कि बड़ी गिनती में जाली पेंशनधारक निकलेंगे। उनसे बचने वाली पेंशन को शेष लाभार्थियों की पेंशन बढ़ाने में लगाया जाएगा। इस समय 19.20 लाख पेंशन धारक हैं। पेंशन के लिए कई नियम बदले गए हैं। पेंशन को सरपंचों के हवाले करने की बजाए सरकार सीधे उनके खाते में डालेगी। पेंशन के मामले में कई घोटाले सामने चुके हैं।
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युवाओंको रोजगार देने के इरादे से ओला और ऊबर जैसी कंपनियों के साथ एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन डिपार्टमेंट ने बात पूरी कर ली है। इसके लिए एक साफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है जिसमें सभी बेरोजगार युवाओं का डाटा इकट्ठा किया जाएगा। अपनी गाड़ी अपना रोजगार योजना के तहत जो युवाओं को ड्राइविंग की ट्रेनिंग देकर कैब चलाने को प्रेरित किया जाएगा। सरकार उन्हें लोन दिलाने में मदद करेगी। अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और बठिंडा जैसे शहरों में कैब चलाने की योजना बजट में लांच होगी। इसमें एक लाख गाड़ियां शामिल करने का प्रावधान किया जाएगा। इसके अलावा मोटरसाइकिलों को भी कैब के रूप में बदला जाएगा। ट्रांसपोर्ट विभाग इसकी नोटिफिकेशन एक दो दिन में जारी कर देगा। रूरल सेक्टर में किसानों को हरा ट्रैक्टर के नाम से ट्रैक्टर समेत अन्य खेतीबाड़ी के इम्पलीमेंट्स लेकर देने की घोषणा भी बजट में की जाएगी। यह तीन से पांच युवाओं के छोट-छोटे ग्रुप बनाकर शुरू कराया जाएगा ताकि किसान परिवारों में अतिरिक्त आमदनी डाली जा सके।
मनप्रीतबादल द्वारा पेश किए जाने वाले बजट में सबसे बड़ी उम्मीद किसानों के कर्ज माफी को लेकर है। पता चला है कि इसके लिए 1500 करोड़ का प्रावधान किया जा रहा है। यह राशि किसानों को दी जा रही बिजली सब्सिडी का कुछ हिस्सा कम करके जुटाने की योजना है। सवाल यह है कि आखिर यह होगा कैसे? सूत्रों की मानें तो जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गैस सब्सिडी छोड़ने का आह्वान किया था, कुछ उसी तरह का आह्वान कैप्टन अमरिंदर सिंह राज्य के बड़े किसानों से कर सकते हैं। इस समय किसानों को मुफ्त बिजली के नाम पर 5200 करोड़ की बिजली दी जा रही है जो नई बिजली की दरें घोषित होने के समय 6400 करोड़ के आंकड़े को पार कर सकती है। अकाली-भाजपा सरकार ने जाते जाते 1.25 लाख नए ट्यूबवेल कनेक्शन देने की घोषणा की थी जिसमें से 50 हजार से ज्यादा कनेक्शन दिए जा चुके हैं।





