दिल्ली-एनसीआर की हवा बेहद खराब: नौरोजी नगर का एक्यूआई 416

दिल्ली में दिवाली के त्योहार से पहले ही वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आज सुबह इस संबंध में जानकारी जारी की है। बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, आज सुबह इंडिया गेट के आसपास के इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक 399 दर्ज किया गया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक का यह स्तर ‘बहुत खराब’ की श्रेणी में आता है। यह स्थिति दिल्ली के वातावरण में बढ़ते प्रदूषण को दर्शाती है।

दिल्ली के कई इलाकों में हवा लगातार खराब
राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता का स्तर लगातार बिगड़ता जा रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, शहर के कई इलाकों में हवा ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई है। यह स्थिति चिंताजनक है और दिल्ली के वातावरण में बढ़ते प्रदूषण के स्तर को दर्शाती है।

दिल्ली में आज इतना है एक्यूआई
सीपीसीबी द्वारा जारी नवीनतम जानकारी के मुताबिक, इंडिया गेट के आसपास के क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 399 रहा। इसे ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रखा गया है। दिल्ली एम्स के आसपास के इलाके में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई है। नौरोज़ी नगर रिंग रोड पर एक्यूआई 416 तक पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। आनंद विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक 296 पाया गया, और इस क्षेत्र की हवा को ‘खराब’ श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। ये आंकड़े दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में प्रदूषण की व्यापकता को उजागर करते हैं। अक्षरधाम मंदिर के आसपास 293 एक्यूआई दर्ज हुआ

दिल्ली के नौरोजी में एक्यूआई 416
इंडिया गेट क्षेत्र, जो दिल्ली का एक प्रमुख स्थान है, वहां एक्यूआई 399 दर्ज किया गया है। यह ‘बहुत खराब’ श्रेणी का संकेत है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानी जाती है। दिल्ली एम्स के आसपास की हवा को ‘गंभीर’ माना गया है, जिससे श्वसन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। नौरोज़ी नगर रिंग रोड पर स्थिति और भी खराब है, जहां एक्यूआई 416 के साथ ‘गंभीर’ श्रेणी में है।

एनसीआर का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा नोएडा
शहर में बुधवार को धुंध छाई रही। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 330 दर्ज किया गया। इससे नोएडा एनसीआर का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण के लिए बृहस्पतिवार से 20 नवंबर तक निर्माण कार्य बंद रहेंगे। ग्रेप-2 लागू होने के बाद भी शहर में जगह-जगह नियमों का उल्लंघन हो रहा है। प्रदूषण की रोकथाम के संसाधन भी सीमित मात्रा में दिखाई दे रहे हैं। यही नहीं, नियमों का पालन किए बिना खुलेआम निर्माण कार्य हो रहे हैं। ग्रेटर नोएडा में 309 एक्यूआई दर्ज हुआ।

प्रदूषण नियंत्रण के लिए आज से 20 नवंबर तक निर्माण कार्यों पर रोक
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, हवा की गति धीमी होने और मौसम में नमी बढ़ने के कारण धूल और धुएं के सूक्ष्म कण (पीएम 2.5 और पीएम 10) निचले वायुमंडल में ही जम गए हैं। इससे स्मॉग की परत और गहरी हो गई है। नोएडा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक अभियंता किशन सिंह ने बताया कि सीएक्यूएम के आदेश पर पांच से 20 नवंबर तक निर्माण कार्य पूरी तरह बंद रहेंगे। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना है। नियमों का पालन नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्हें नोटिस जारी करने के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा।

आज से लागू प्रमुख पाबंदियां
खुले में होने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों पर प्रतिबंध रहेगा।

यह रोक राजमार्ग, सड़क, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, विद्युत पारेषण, पाइपलाइन और दूरसंचार जैसे रैखिक परियोजनाओं पर भी प्रभावी होगी।
किस परियोजना को मिली छूट

गाजियाबाद में 692 पार एक्यूआई
गाजियाबाद में गुरुवार को हवा की हालत खराब रही। यहां एक्यूआई 692 दर्ज किया गया वहीं गुरुग्राम में आज एक्यूआई 512 दर्ज किया गया। जबकि फरीदाबाद में 667 एक्यूआई दर्ज किया गया है। यह आंकड़े एक्यूआई डॉट इंडिया की ओर से जारी किए गए हैं।

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