चीनी मिलों को वित्तीय संकट से उबारने के लिए सरकार का कदम

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चीनी मिलों को वित्तीय संकट से उबारने के लिए सरकार ने एक और उपाय किया है। उसने एक अधिसूचना जारी करके चीनी मिलों को गन्ने के रस या इसके इंटरमीडिएट प्रोडक्ट (बी ग्रेड शीरा) से सीधे एथनॉल बनाने की अनुमति दे दी है।चीनी मिलों को वित्तीय संकट से उबारने के लिए सरकार का कदम

केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने इसकी अनुमति देने के लिए गन्ना नियंत्रण आदेश 1966 में संशोधन किया है और इसकी अधिसूचना जारी की है। इससे अत्यधिक उत्पादन के वर्षो में मिलों को एथनॉल उत्पादन के लिए गन्ने का रस खपाने में मदद मिलेगी। अधिसूचना के अनुसार अगर कोई मिल गन्ने के रस या बी ग्रेड शीरे से सीधे एथनॉल का उत्पादन करती है तो उसकी रिकवरी दर तय करने के लिए एक टन चीनी उत्पादन को600 लीटर एथनॉल उत्पादन के बराबर माना जाएगा। अभी तक मिलों को सी ग्रेड शीरे से ही एथनॉल का उत्पादन करने की अनुमति थी। सी ग्रेड शीरा गन्ने के रस से चीनी प्राप्त करने के बाद प्राप्त होता है। शीरे का इस्तेमाल स्पिरिट, अल्कोहल और दूसरे उत्पादों में होता है।

उद्योग के आंकड़ों के मुताबिक मिलों ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को अगले दिसंबर से शुरू होने वाले नए मार्केटिंग सीजन में 158 करोड़ लीटर एथनॉल की सप्लाई के लिए अनुबंध किया है। मौजूदा वर्ष में सिर्फ 78.5करोड़ लीटर एथनॉल की सप्लाई की गई थी।

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