गुजरात के दो आईएएस अधिकारियों को सरकार ने दी अनिवार्य सेवानिवृत्ति

गुजरात कैडर के आइएएस अधिकारी के. राजेश और गौरव दहिया को केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने उनके सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद समय से पहले सेवानिवृत्त कर दिया है।

2011 बैच के आइएएस अधिकारी के. राजेश जुलाई 2022 से निलंबित थे। उन्हें सुरेंद्रनगर के कलेक्टर के रूप में कार्यकाल के दौरान रिश्वत मामले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था।

उन पर अपात्र लोगों को हथियार लाइसेंस दिलाने, सरकारी जमीन के आवंटन और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को नियमित करने के लिए रिश्वत लेने के आरोप थे।

बाद में सीबीआई ने मामले में आरोपपत्र दाखिल किया और राजेश को जमानत मिल गई। 2010 बैच के आइएएस अधिकारी गौरव दहिया को अगस्त 2019 में दिल्ली की एक महिला द्वारा लगाए गए दो विवाह, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी के आरोपों के बाद निलंबित किया गया था।

दहिया ने आरोपों से इनकार करते हुए महिला पर उन्हें फंसाने और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया था। जुलाई 2023 में दहिया को बहाल कर गांधीनगर में अतिरिक्त विकास आयुक्त नियुक्त किया गया था। दोनों अधिकारियों की सेवानिवृत्ति केंद्र द्वारा उनके सेवा रिकार्ड की समीक्षा के बाद हुई है।

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