क्या आपको भी है पार्टनर पर चीटिंग का शक? इल्जाम लगाने से पहले इन संकेतों पर जरूर दें ध्यान

एक मजबूत रिश्ते की बुनियाद भरोसे पर टिकी होती है, लेकिन जब पार्टनर के व्यवहार में अचानक बदलाव आने लगे, तो मन में सवाल उठने या असुरक्षा की भावना आना स्वाभाविक है। अक्सर लोग समझ नहीं पाते कि यह केवल उनका वहम है या वाकई उनका पार्टनर उनसे कुछ छुपा रहा है।

अगर आपको भी लग रहा है कि कहीं आपका पार्टनर आपको चीट तो नहीं कर रहा, तो सीनियर साइकोलॉजिस्ट डॉ. मोनिका शर्मा के बताए कुछ संकेतों पर ध्यान देना चाहिए। आइए जानें इन संकेतों के बारे में।

फोन को लेकर ज्यादा प्राइवेट होना
अगर आपका पार्टनर अचानक अपने फोन पर नया पासवर्ड लगा लेता है, नोटिफिकेशन छुपाने लगता है या फोन को हमेशा स्क्रीन नीचे करके रखता है, तो यह ध्यान देने वाली बात है। बात करते-करते अचानक मैसेज डिलीट करना या बैटरी खत्म होने का बहाना बनाकर फोन को आपसे दूर रखना भी एक संकेत है।

देर तक बाहर रहना
ऑफिस के नाम पर अक्सर देर रात तक बाहर रहना, अचानक मीटिंग या दोस्तों के साथ काम जैसे बहाने बनाना और बिना किसी ठोस वजह के अचानक प्लान बदल जाना भी एक संकेत हो सकता है।

भावनात्मक दूरी
जब कोई व्यक्ति कहीं और बिजी होता है, तो वह अपने पार्टनर से कटना शुरू कर देता है। दिनभर की बातें शेयर न करना, आपकी बातों में दिलचस्पी न लेना और छोटी-छोटी बातों पर चिढ़ जाना इसके लक्षण हो सकते हैं।

रूप-रंग और आदतों में अचानक बदलाव
बिना किसी खास वजह के अचानक खुद को ग्रूम करना, नया हेयरस्टाइल, परफ्यूम का ज्यादा इस्तेमाल या अचानक जिम जॉइन करना भी एक संकेत हो सकता है कि वह किसी को इम्प्रेस करने की कोशिश कर रहा है।

इन बातों पर भी दें ध्यान
उल्टा आप पर आरोप लगाना- चीटिंग करने वाले लोग अक्सर खुद को बचाने के लिए अपने पार्टनर पर ही उंगली उठाने लगते हैं या उन पर चीटिंग का आरोप लगाने लगते हैं।
सोशल मीडिया पर बदलाव- आपके साथ पुरानी तस्वीरें हटा देना, आपको टैग न करना या किसी खास व्यक्ति की पोस्ट पर अचानक बहुत ज्यादा एक्टिव हो जाना।
अचानक खर्चे बढ़ना- बैंक स्टेटमेंट्स या बिल्स में होटल, महंगे गिफ्ट्स या ऐसी जगहों के खर्चे दिखना जिसका आपसे कोई लेना-देना न हो।

ऐसे में आपको क्या करना चाहिए?
सबसे पहले तो इस बात का ध्यान रखें कि ये केवल संभावित संकेत हैं, कोई पक्का सबूत नहीं। कई बार तनाव, काम के दबाव या स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी इंसान ऐसा व्यवहार कर सकता है। इसलिए बिना ठोस सबूत के कोई भी आरोप लगाने से बचें।

खुलकर बात करें- बिना कोई आरोप लगाए, शांत रहकर अपने पार्टनर से अपनी चिंताओं और भावनाओं को शेयर करें।
पैटर्न पर ध्यान दें- किसी एक घटना को देखकर फैसला न निकालें। देखें कि क्या यह व्यवहार पिछले कुछ समय से लगातार चल रहा है।
प्राइवेसी की रिस्पेक्ट करें- शक होने पर भी उनका फोन हैक करना या जासूसी करना रिश्ते को और खराब कर सकता है। अगर बहुत जरूरी हो, तभी सावधानी से सबूत जुटाएं।
प्रोफेशनल मदद लें- अगर आपसी बातचीत से बात न बने, तो कपल्स थेरेपिस्ट या काउंसलर की मदद ली जा सकती है।

ज्यादातर मामलों में ये संकेत चीटिंग के नहीं, बल्कि आपसी बातचीत की कमी या स्ट्रेस के होते हैं। अगर आपका पार्टनर ईमानदार है, तो एक खुली बातचीत से सच सामने आ जाएगा, लेकिन अगर आपको लगातार धोखा दिया जा रहा है या आपके सम्मान को ठेस पहुंच रहा है, तो अपने आत्मसम्मान को चुनें और सही फैसला लें।

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