क्या आपके घर में भी नहीं है आपके स्पेस की कद्र?

ऐसा इसलिए क्योंकि मन में यह छवि बन गई है कि परिवार में रहने वाला व्यक्ति सुरक्षित है, लेकिन कई बार परिवार का माहौल भी टॉक्सिक हो जाता है जो मेंटल हेल्थ को नुकसान पहुंचाता है। फिर चाहे इसकी वजह जेनरेशन गैप हो या घरवालों की आदत। इसे देखते हुए चलिए फैमिली से जुड़े उन रेड फ्लैग्स की बात करते हैं, जिन्हें अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।
फैमिली में मौजूद रेड फ्लैग्स जिसे अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए
जिस तरह रिलेशनशिप में रेड फ्लैग्स की बात करते हैं ताकि मेंटल पीस को सुरक्षित रखा जा सके, उसी तरह फैमिली में भी बहुत से रेड फ्लैग्स होते हैं जिनपर बात की जानी चाहिए।
इमोशनल अब्यूज
परिवार में ऐसे रेड फ्लैग्स नहीं होते जिन्हें आसानी से पहचाना जा सके। इस तरह के अब्यूज में परिवार के लोग व्यक्ति को उस फीलिंग से भर देते हैं कि सारी गलती उसकी है। कई बार वो विक्टिम बनकर जरूरत से ज्यादा कंट्रोल की भी कोशिश करते हैं।
जिंदगी के अहम फैसले न लेने देना
क्या आपके परिवार में भी आपक्की जिंदगी से जुड़े फैसले लेने के लिए आपसे नहीं पूछा जाता, बस बताया जाता है? अगर हां, तो यह एक रेड फ्लैग है जिसे अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। बचपन से टीनेज तक यह कंट्रोल हेल्दी हो सकता है, लेकिन बढ़ती उम्र में परिवार का यही रवैया किसी भी तरह से हेल्दी नहीं।
बॉउन्ड्री न होना
परिवार में रिलेशनशिप हेल्दी तभी होता है, जब सभी एक दूसरे के स्पेस का ख्याल रखें। ऐसा न करने पर रिश्ते एक समय बाद टॉक्सिक होते चले जाते हैं। फिर ये बातें किसी व्यक्ति की इमोशनल ग्रोथ के लिए भी बहुत मायने रखती हैं।
लड़ाई न सुलझाना
परिवार में ऐसा कोई झगड़ा जो समाधान पर न पहुंचा हो, बार-बार किसी दूसरी बहस या झगड़े के आड़े आ सकता है और उस स्थिति को और भी खराब कर सकता है। इससे बात शांत हो जाने पर भी इमोशनल डिस्टेंस बढ़ जाता है।
फीलिंग या राय को अनदेखा किया जाना
क्या परिवार में आपकी फीलिंग या राय को हमेशा ही अनदेखा किया जाता है, फैमिली से न मिलने वाला यह इमोशनल सपोर्ट परिवार वालों से दूरी का कारण बनता है।





