अरुणिमा फाउंडेशन के उपाध्यक्ष जगदेव प्रसाद की अग्रिम जमानत अर्जी हुई खारिज

लखनऊ/ विधि संवाददाता। पद्मश्री से संम्मानित और विश्वविख्यात पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा के विदेश यात्रा के दौरान उनके फाउंडेशन का खाता अन्य बैंक में खुलवा कर 76 लाख रु हड़पने के आरोपी और अरुणिमा की बहन लक्ष्मी सिन्हा, भाई राहुल सिन्हा और फाउंडेशन के उपाध्यक्ष जगदेव प्रसाद की अग्रिम जमानत की अर्जी एडीजे छवि अस्थाना ने खारिज कर दी।
कोर्ट में वादिनी अरुणिमा सिन्हा के विशेष वकील देवेंद्र कुमार राय ने आरोपियो की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि वादिनी अरुणिमा सिन्हा ने सरोजनीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर बताया कि उन्होंने दिव्यांग बच्चो के विकास और अन्य समाजसेवी कार्यो को करने के उद्देश्य से अरुणिमा फाउंडेशन नामक ट्रस्ट बनाया जिसमे अपनी बहन लक्ष्मी सिन्हा को अध्यक्ष,जगदेव प्रसाद को उपाध्यक्ष और भाई राहुल सिन्हा को संचालक रखा था।
कहा गया कि वादिनी देश विदेश में व्याख्यान और पर्वतारोहण करके फाउंडेशन के लिए धन एकत्र करती थी जो कि बैंक ऑफ इंडिया में जमा होता था जिसकी चेकबुक कार्यालय में ही रहती थी। बताया गया कि वादिनी 12 दिसम्बर2018 को पर्वतारोहण के लिए विदेश गई थी इस दौरान आरोपियो ने वादिनी के जाली हस्ताक्षर बना कर कूट रचित दस्तावेजो के सहारे ट्रस्ट के नया खाता एचडीएफसी बैंक में खोला और ओमप्रकाश के जरिये 76 लाख रु निकल कर हड़प लिए।





