अयोध्या में राम मंद‍िर न‍िर्माण के ल‍िए संतों ने शुरू क‍िया हवन, इलाहाबाद में हनुमान चालीसा का पाठ

अयोध्या/इलाहाबाद. करीब 164 साल पुराने अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार से आखिरी सुनवाई शुरू हुई। वहीं, दूसरी ओर अयोध्या और इलाहाबाद में राम मंद‍िर के न‍िर्माण के साधु-संतों से अनुष्ठान शुरू कर द‍िया है। संगम नगरी के बंधवा वाले लेटे हनुमान मंद‍िर में सुबह से व‍िशेष पूजा-अर्चन की जा रही है। हवन का आयोजन कर सुंदर कांड और हनुमान चालीसा का पाठ शुरू क‍िया गया है। ये हवन यज्ञ अख‍िला भारतीय अखाड़ा पर‍िषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र ग‍िरी की अगुवाई में क‍िया जा रहा है। आगे पढ़‍िए महंत महेंद्र ग‍िरी ने क्या कहा…अयोध्या में राम मंद‍िर न‍िर्माण के ल‍िए संतों ने शुरू क‍िया हवन, इलाहाबाद में हनुमान चालीसा का पाठ

– महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा, हनुमान जी से प्रार्थना की जा रही है कि जिस तरह से लंका विजय में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी, उसी तरह से अयोध्या में रामलला के पक्ष में फैसला लाकर करोड़ों राम भक्तों के सपने पूरा करें।
– भगवान राम के सारे काम हनुमान जी पूरा करते हैं और अब राम मंदिर के निर्माण के पक्ष में फैसला भी हनुमान जी के आशीर्वाद से आएगा।
– जब तक सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर मामले की सुनवाई होगी, तब तक लेटे हनुमान मंदिर में रामलला के पक्ष में फैसला आने के लिए रोज प्रार्थना की जाएगी ।
– साथ ही प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी ।

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7 साल से पेंडिंग हैं 20 पिटीशन्स

– मामले में 7 साल से पेंडिंग 20 पिटीशन्स इस साल 11 अगस्त को पहली बार लिस्ट हुई थीं। पहले ही दिन डॉक्युमेंट्स के ट्रांसलेशन पर मामला फंस गया था। संस्कृत, पाली, फारसी, उर्दू और अरबी समेत 7 भाषाओं में 9 हजार पन्नों का अंग्रेजी में ट्रांसलेशन करने के लिए कोर्ट ने 12 हफ्ते का वक्त दिया था। इसके अलावा 90 हजार पेज में गवाहियां दर्ज हैं। यूपी सरकार ने ही 15 हजार पन्नों के दस्तावेज जमा कराए हैं।

7 साल में SC में 20 अर्जियां, 7 चीफ जस्टिस बदले
– हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुन्नी वक्फ बोर्ड 14 दिसंबर 2010 को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। फिर एक के बाद एक 20 पिटीशन्स दाखिल हो गईं। सुप्रीम कोर्ट ने 9 मई 2011 को हाईकोर्ट के फैसले पर स्टे लगा दिया, लेकिन सुनवाई शुरू नहीं हुई। इस दौरान 7 चीफ जस्टिस बदले। सातवें चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने इस साल 11 अगस्त को पहली बार पिटीशन्स लिस्ट की।

HC ने विवादित जमीन 3 हिस्सों बांटने का दिया था ऑर्डर
– इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विवादित 2.77 एकड़ जमीन 3 बराबर हिस्सों में बांटने का ऑर्डर दिया था। अदालत ने रामलला की मूर्ति वाली जगह रामलला विराजमान को दी। सीता रसोई और राम चबूतरा निर्मोही अखाड़े को और बाकी हिस्सा मस्जिद निर्माण के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को दिया था।

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शिया बोर्ड ने कोर्ट में रखा था मसौदा
– बता दें, हाल ही में मुस्लिमों के एक गुट ने उत्तर प्रदेश के शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के बैनर तले कोर्ट में एक मसौदा पेश किया था।
– इस मसौदे के मुताबिक, विवादित जगह पर राम मंदिर बनाया जाए और मस्जिद लखनऊ में बनाई जाए। इस मस्जिद का नाम राजा या शासक के नाम पर रखने के बजाए मस्जिद-ए-अमन रखा जाए

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