सोलह साल में सेक्स कर सकते है , तो शादी क्यों नहीं?

एंटी रेप बिल को ग्रुप ऑफ मिनिस्टर की मंजूरी मिलने के बाद हरियाणा की खाप पंचायतों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि लड़के-लड़कियों की विवाह को उम्र को भी दो-दो साल कम किया जाना चाहिए। खाप चौधरियों ने कहा कि जब आपसी सहमति से सेक्स की उम्र 18 से घटाकर 16 साल की जा सकती है, तो विवाह की उम्र भी इतनी ही कम करनी चाहिए।

 

बिनैन खाप के प्रवक्ता सूबेसिंह समैण ने कहा कि जब खाप पंचायतें लड़कियों की विवाह उम्र 18 से कम करके 16 साल करने की मांग कर रही थी तो, सोनिया गांधी ने नरवाना के सच्चाखेड़ा गांव में मीडिया से कहा था कि ऐसा बिल्कुल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि खापें कोई मांग करती हैं तो उसको नजरअंदाज कर दिया जाता है। समैण ने कहा कि खापों के पास सामाजिक अनुभव हैं, जिसके आधार पर मांग की गई थी कि लड़कियों की विवाह 16 साल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दो साल उम्र कम करने की मांग के विरोध में पूरे देश में खापों के खिलाफ ऐसा माहौल बना दिया गया कि जैसे खापों ने कोई बड़ा समाज विरोधी काम कर दिया हो। समैण ने केंद्र सरकार से मांग की है कि लड़कियों की विवाह 18 से घटाकर 16 साल और लड़कों की उम्र 21 से घटाकर 19 साल कर देनी चाहिए।

 

खेड़ा खाप प्रधान दलेल सिंह खटकड़ ने कहा कि खापों ने आज तक कोई भी गलत कार्य नहीं किया है। खापों ने अनुभव के आधार छह महीने पहले केंद्र सरकार से मांग की थी कि बढ़ते दुराचार के मामलों को देखते हुए लड़के-लड़कियों की विवाह की उम्र को कम किया जाना चाहिए। लेकिन तब केंद्र सरकार और गैर सरकारी संगठनों ने तर्क दिया था कि सोलह की उम्र में लड़की की शादी सही नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि अब ग्रुप ऑफ मिनिस्टर यह सिफारिश क्यों कर रहा है कि आपसी सहमति से सेक्स की उम्र 18 से घटाकर 16 साल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब सहमति से सेक्स की उम्र दो साल कम करने की सिफारिश ग्रुप ऑफ मिनिस्टर कर रहा है तो शादी की उम्र भी दो साल कम करने पर किसी का ऐतराज नहीं होना चाहिए।

पंचग्रामी पूनिया खाप के प्रधान मास्टर अमीर सिंह पूनिया कहते हैं कि केंद्र सरकार जब आपसी सहमति से सेक्स करने की उम्र 16 साल करने के लिए कानून बनाने जा रही है तो इसके साथ सरकार का विवाह की उम्र भी दो साल कम करने का कानून बनाना चाहिए। उन्होंने भी सवाल उठाया कि 16 साल की उम्र में लड़की अपनी सहमति से सेक्स कर सकती है, तो उसकी शादी इतनी ही उम्र में क्यों नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जब लड़के की शादी उम्र 21 साल व लड़की की 19 साल निर्धारित की गई थी तो उस समय सामाजिक परिवेश अलग था। इस समय का सामाजिक परिवेश अलग है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को लड़के-लड़कियों की शादी की उम्र को दो साल कम करने का कानून बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खापों ने जो मांग छह महीने पहले की थी। उसी मांग पर केंद्र सरकार आज अमल कर रही है। इसलिए उनकी खाप की मांग है कि विवाह की उम्र भी अब कम करनी चाहिए।

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