सोनप्रयाग से केदारनाथ तक बिजली लाइन को यूपीसीएल बोर्ड की मंजूरी

सोनप्रयाग से केदारनाथ तक बिजली लाइन को यूपीसीएल बोर्ड की मंजूरी मिल गई है। बोर्ड बैठक में 45 करोड़ की लागत से 33 केवी बिजली लाइन का प्रस्ताव पास हुआ है। वहीं यूपीसीएल खटीमा में पिटकुल के सब स्टेशन से अपने बिजलीघरों को जोड़ेगा।
उत्तराखंड में सोनप्रयाग से केदारनाथ तक यूपीसीएल 33 केवी की बिजली लाइन स्थापित करेगा। सोमवार को हुई यूपीसीएल की बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। वहीं, खटीमा स्थित पिटकुल के सब स्टेशन से भी यूपीसीएल के बिजलीघरों को जोड़ने का प्रस्ताव पास हुआ।
सोमवार को मुख्य सचिव व यूपीसीएल के अध्यक्ष आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में यूपीसीएल की बोर्ड बैठक हुई। बैठक में केदारनाथ में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर चर्चा की गई। केदारनाथ में यूपीसीएल 33 केवी का बिजलीघर बना रहा है, जिसका प्रस्ताव पास होने के बाद काम भी शुरू हो चुका है। अभी तक केदारनाथ में 11 केवी की लाइन के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जा रही है जो कि काफी लंबी है।
मौसम खराब होने पर ट्रिप होने का खतरा ज्यादा है। बोर्ड बैठक में सोनप्रयाग से नए बिजलीघर तक बिजली लाइन पहुंचाने का प्रस्ताव रखा गया। 45 करोड़ की लागत से 33 केवी की बिजली लाइन डाली जाएगी। बोर्ड ने प्रस्ताव मंजूर कर दिया। इसके अलावा एक प्रस्ताव खटीमा के पिटकुल सब स्टेशन से जुड़ा हुआ भी रखा गया।
करीब आठ करोड़ खर्च करके यूपीसीएल पिटकुल के इस सब स्टेशन से अपने बिजलीघरों को जोड़ने वाला है। बैठक में वित्त संबंधी कई अन्य प्रस्तावों पर भी बोर्ड ने मुहर लगाई। बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक जीएस बुदियाल, निदेशक एमआर आर्य और बोर्ड के अन्य सदस्य शामिल रहे।
वित्तीय अनुशासन बनाए रखें
बोर्ड बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखें। उन्होंने परियोजनाओं की लागत कम करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यूपीसीएल का मकसद आम उपभोक्ताओं तक सरल तरीके से अधिकतम बिजली आपूर्ति करना है। इस दिशा में ही प्रयास आगे बढ़ाए जाएं।





