सैन्य कमांडर ने घाटी में स्नाइपर की सक्रियता को नकारा, युवाओं के आतंकी संगठनों में भर्ती में आई कमी
चिनार कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट ने घाटी में स्नाइपर के सक्रिय होने को नकारते हुए कहा है कि यह स्नाइपर नहीं है बल्कि रात के वक्त भी अच्छा फायर करने वाला था। घाटी में आने के कुछ दिन बाद ही उसे बर्बाद कर दिया गया। यदि और भी कुछ होंगे तो उसे बर्बाद कर दिया जाएगा। 
एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि घाटी में हालात पूरी तरह से नियंत्रण में है। स्थानीय युवाओं की आतंकी संगठनों में भर्ती नई नहीं है। पिछले दो साल से यह सिलसिला चल रहा है। पिछले दो महीने से इसमें कमी आई है। उम्मीद है कि युवा सही रास्ते पर आएंगे और भर्ती कम होगी।
सेना कमांडर ने कहा कि घाटी में आईएसजेके का कोई अस्तित्व नहीं है। यह केवल मीडिया में ही है। उन्होंने कहा कि बर्फबारी के बाद घुसपैठ की कोशिशों में कमी आएगी। पंचायत चुनाव के समय शांति रहे यह मकसद है। सरकार तथा सभी सुरक्षा एजेंसियों से मिलकर काम किया जा रहा है।





