सिर्फ कर्जमाफी से ही नही होगा अन्नदाताओं का भला, IMF की चीफ इकोनॉमिस्ट गीता गोपीनाथ ने बताया यह समाधान

 देश में सरकारों के बीच किसानों के ऋण माफ करने की होड़ मची है। इस बीच IMF की चीफ इकोनॉमिस्ट गीता गोपीनाथ ने अहम बात कही है। गीता के मुताबिक, कर्ज माफी से किसानों का भला नहीं होगा। इसके बजाए सरकार को कैश सब्सिडी पर ध्यान देना चाहिए। जानिए गीता ने एक इंटरव्यू में और क्या-क्या कहा –

– डावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मौके पर दिए एक इंटरव्यू में गीता गोपीनाथ ने कहा, भारत में कृषि क्षेत्र पर भारी संकट है, कर्ज माफी इसका स्थाई हल नहीं है। कैश सब्सिडी का विकल्प बेहतर साबित हो सकता है।

– बकौल गीता, सरकारों को किसानों को पैदावार बढ़ाने में मदद करना चाहिए। उन्हें बेहतर तकनीक और बेहतर बीज मुहैया कराने चाहिए।

मालूम हो, मध्यप्रदेश और छ्त्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने किसानों का कर्ज माफी करने का ऐलान किया था। इस घोषणा का असर भी हुआ और पार्टी राजस्थान के साथ ही इन दो राज्यों में भी सत्ता में आ गई। कांग्रेस ने वादा निभाते हुए यहां कर्ज माफी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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