श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत की फजीहत ने बना दिया रिकॉर्ड, 6 साल बाद हुआ ऐसा बुरा काम

सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाने के बाद श्रेयस अय्यर को इस उम्मीद से कप्तानी दी गई थी कि वह आईपीएल की सफलता को इंटरनेशनल क्रिकेट में भी जारी रखेंगे। टीम को नए आयाम पर ले जाएंगे और भारत की बादशाहत को जारी रखेंगे। अभी तक हुआ इससे ठीक उलटा है। अय्यर की कप्तानी में भारत ने पांच मैच खेल लिए हैं और जीत का स्वाद नहीं चखा है बल्कि ऐसा काम कर दिया है जो पिछले छह साल से नहीं हुआ था।
इस शर्मनाक रिकॉर्ड की बुनियाद में है आयरलैंड का दौरा और अंजाम मिला ब्रिस्टल में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए चौथे टी20 मैच में। इस मैच में इंग्लैंड ने भारत को नौ विकेट से धूल चटा दी। पहले बल्लेबाजी करते हुए टी20 की विश्व विजेता भारतीय टीम की तूफानी बल्लेबाजी सात विकेट खोकर 158 रन ही बना पाई। मेजबान इंग्लैंड ने 13.5 ओवरों में ही ये टारगेट महज एक विकेट खोकर हासिल कर लिया।
2018-19 के बाद हुआ ऐसा
इस हार का मतलब है कि भारत ने अब सीरीज गंवा दी है। सीरीज का एक मैच बचा है और इंग्लैंड 3-0 से आगे है। इससे पहले आयरलैंड ने भारत को दो मैचों की सीरीज में 2-0 से पटखनी दी थी। 2018-19 के बाद ये पहली बार हुआ है जब भारत को टी20 में लगातार दो सीरीज में हार का सामना करना पड़ा है। इससे पहले भारत ने टी20 में लगातार दो सीरीज विराट कोहली की कप्तानी में गंवाई थीं।
कोहली की कप्तानी में भारत को न्यूजीलैंड के हाथों 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था। इस सीरीज के बाद ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 2-0 से मात दी थी। तब से भारत लगातार दो सीरीज कभी नहीं हारा था, लेकिन उम्मीदों को सेहरा पहनकर उतरे अय्यर की कप्तानी में ये काम भी हो गया।
सॉल्ट और ब्रूक ने भरा धुआं
इंग्लैंड की टीम की जीत के हीरो रहे तूफानी बल्लेबाज फिल सॉल्ट और हैरी ब्रूक। दोनों ने ऐसी तूफानी पारियां खेलीं कि विश्व विजेता टीम का गेंदबाजी अटैक कांपने लगा और 37 गेंद पहले ही अंग्रेजों के हिस्से जीत आ गई। सॉल्ट ने 42 गेंदों पर नौ चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 59 रन बनाए। कप्तान ब्रूक ने 35 गेंदों पर आठ चौके और चार छक्कों की मदद से नाबाद 79 रनों की पारी खेली।
भारत की तरफ से कप्तान अय्यर ने नाबाद 80 रन बनाए। अपनी पारी में कप्तान ने 49 गेंदों का सामना करते हुए चार चौके और पांच छक्के मारे। उनके अलावा कोई और बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं बना सका।





