वो खौफनाक जेल, जहां महिलाओं का सिर काटकर फुटबॉल खेलते हैं खूंखार कैदी

जेल का नाम सुनते ही दिमाग में ऐसी जगह की तस्वीर बनती है, जहां अपराधियों को कानून के सख्त पहरे में रखा जाता है. लेकिन दुनिया में कुछ जेलें ऐसी भी हैं, जहां हालात इतने खौफनाक हैं कि वहां कैदी ही असली सत्ता चलाते हैं. इन जेलों में हिंसा, गैंगवार और खूनी संघर्ष आम बात मानी जाती है. खासकर मध्य अमेरिकी(Central American) देशों होंडुरास (Honduras) और अल साल्वाडोर (El Salvador) की जेलें दुनिया की सबसे खतरनाक जेलों में गिनी जाती हैं. यहां हालात इतने खतरनाक हैं कि कई बार जेल के अंदर ही एक साथ कई हत्याएं हो जाती हैं और प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठे रह जाती है.

जेल नहीं, गैंगस्टरों का अड्डा बन चुकी हैं कई जेलें
रिपोर्ट्स के मुताबिक, होंडुरास और अल साल्वाडोर की कई जेलों पर खतरनाक ड्रग्स कार्टेल और गैंग्स का दबदबा है. एमएस-13 और बैरियो 18 जैसे खूंखार गिरोह सिर्फ शहरों की सड़कों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जेलों में भी अपना नेटवर्क चलाते हैं. होंडुरास के पत्रकार मार्सेल ऑर्सोटो के अनुसार, इन देशों की भीड़भाड़ वाली जेलें कई गैंग लीडरों के लिए यह अस्थायी मुख्यालय जैसी बन चुकी हैं. जेल में बंद सरगना मोबाइल फोन और दूसरे संसाधनों की मदद से बाहर बैठे अपने लोगों को हत्या, वसूली और हमलों के आदेश देते रहते हैं. यहां तक की जेल में बैठे-बैठे ये गैंग शराब की तस्करी भी करते हैं. यही वजह है कि जेलों के भीतर हमेशा् खतरनाक गैंगवार छिड़ जाती है.

महिलाओं की जेल पर हुआ खूनी हमला
होंडुरास में हुई एक घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था. राजधानी तेगुसिगाल्पा के पास स्थित महिलाओं की जेल पर हथियारबंद गैंग सदस्यों ने हमला कर दिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों ने जेल के अंदर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी और कई कैदियों को घेर लिया। स्थिति इतनी भयानक हो गई कि हमलावरों ने आग भी लगा दी, जिससे कई महिलाएं बाहर नहीं निकल सकीं. इस घटना में 41 लोगों की मौत हो गई थी. घटना के बाद वहां की सरकार ने भी माना था कि जेल प्रशासन को हमले की जानकारी पहले से थी, लेकिन समय रहते कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया. कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन जेलों में गैंगवार के बाद कैदियों के सिर काटकर उनसे फुटबॉल तक खेली जाती है. इस भयावह घटना के बाद सरकार ने जेलों में बड़े स्तर पर छापेमारी अभियान चलाया. तलाशी के दौरान पुलिस को पिस्तौल, असॉल्ट राइफलें, गोला-बारूद, हथगोले और भारी मात्रा में नकदी मिली. इतना ही नहीं, जेलों से कीमती आभूषण भी बरामद किए गए, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये बताई गई. इन खुलासों ने यह साफ कर दिया कि कई जेलों के अंदर अपराधी गिरोह किस हद तक मजबूत हो चुके हैं.

अल साल्वाडोर की जेलें क्यों मानी जाती हैं सबसे खतरनाक?
अल साल्वाडोर की जेलों की हालत तो और भी ज्यादा डरावनी बताई जाती है. यहां की सबसे बड़ी जेल एस्पेरांजा (Jail Esperanza) में क्षमता से कई गुना ज्यादा कैदी बंद हैं. इस जेल की क्षमता लगभग 10 हजार कैदियों की है , यहां 30 हजार से ज्यादा लोगों को रखा गया है. कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि यहां गैंग सदस्यों ने एक बार जेल गार्ड की हत्या कर दी थी. ऐसी घटनाओं के कारण जेल कर्मचारी भी लगातार डर के माहौल में काम करते हैं. इन घटनाओं के बाद अल साल्वाडोर के राष्ट्रपति ने जेल व्यवस्था को सख्त करने के लिए कई बड़े फैसले किए. सरकार ने एक विशाल आतंकवाद निरोधक जेल केंद्र भी बनाया है, जिसमें हजारों खतरनाक अपराधियों को रखा जा सकता है. सरकार का कहना था कि अब जेलों में मोबाइल फोन, अवैध सामान और गैंग गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने की कोशिश की जा रही है. इसके लिए बड़ी संख्या में सैनिकों और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. होंडुरास और अल साल्वाडोर की जेलें सिर्फ अपराधियों की कैद की जगह नहीं रह गई हैं, बल्कि कई बार ये खुद अपराध का केंद्र बन जाती हैं. गैंगवार, भीड़भाड़, हथियारों की तस्करी और प्रशासन पर गिरोहों का दबाव इन जेलों को दुनिया की सबसे खतरनाक जेलों में शामिल करता है. यही वजह है कि इन देशों की जेलों की कहानियां सुनकर लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं.

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