इंडियन आर्मी में आ रहा है बोफोर्स का बाप; चीन और पाकिस्तान की हालत खराब

इंडियन आर्मी में आ रहा है बोफोर्स का बाप; चीन और पाकिस्तान की हालत खराब| इंडियन आर्मी के बेड़े में जल्द ही हॉवित्जर तोप भी शामिल होंगी। अभी तक भारतीय सेना बोफोर्स तोप से ही काम चला रही थी। लेकिन, हॉवित्जर तोपों के भारतीय सेना में शामिल होने के बाद अब उसकी ताकत कई गुना बढ़ जाएगी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी की मीटिंग के बाद सरकार ने अमेरिका से 737 मिलियन डॉलर के हॉवित्जर तोप के सौदे को हरी झंडी दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद यानी करीब पांच हजार करोड़ के 144 M-777 हॉवित्जर तोपों को भारत खरीदेगा। 144 M-777 हॉवित्जर तोपों की पहली खेप साल 2017 के मध्य तक भारतीय सेना को मिल जाएगी। जबकि बाकी तोपों को भी जल्द ही अमेरिका से मंगा लिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक 144 M-777 हॉवित्जर तोपों की खरीददारी को भारत और अमेरिका के बीच करार हो गया है। इसी करार के तहत भारत अमेरिका से 25 144 M-777 हॉवित्जर तोपों को आयात करेगा। इसके बाद 120 हॉवित्जर तोप को ‘मेक इन इंडिया’ प्रोग्राम के तहत भारत में ही तैयार किया जाएगा। शुरुआती दौर में यानी छह महीने के भीतर दो 144 M-777 हॉवित्जर तोप भारतीय सेना को मिल जाएंगी। दस महीने के बाद हर महीने दो तोप की सप्लाई हुआ करेगी। बताया जा रहा है कि 144 M-777 हॉवित्जर तोप भारतीय सेना की 17 वीं माउंटेन स्ट्राइक कोर को दी जाएगी। दरअसल, सेना की ये टुकड़ी इंडो-चाइना बार्डर पर तैनात है। इस टुकड़ी की तैनाती अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख में है। जो चीन की हरकतों पर नजर रखती है।
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144 M-777 हॉवित्जर तोप की खासियत क्या है और इसके भारतीय सेना में शामिल होने से उसे क्या फायदा मिलेगा। जरा इस बात को भी समझ लीजिए। दरसअल 155 MM और 39 कैलिबर के हॉवित्जर तोप 25 किलोमीटर की दूरी तक गोले दागने की क्षमता रखते हैं। इस तोप के निर्माण में टाइटेनियम का इस्तेमाल किया जाता है। इस तोप की खासबात ये है कि इसे ऊंचाई वाले इलाकों में बहुत ही आसानी से ले जाया जा सकता है। ये तोप M 777 तोपों के अलावा दूसरी तोपों के मुकाबले भी बहुत हल्की है। हॉवित्जर 155 MM की इकलौती ऐसी तोप है जिसका वजन 4200 किलोग्राम से कम है। बाकी तोपों का वजन इससे कहीं ज्यादा होता है और उनकी मारक क्षमता भी इससे कम होती है।
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हॉवित्जर तोप को 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया भी जा सकता है। इस तोप में 52 कैलिबर राउंड्स की क्षमता है। जबकि बोफोर्स तोप की क्षमता 39 कैलिबर की है। 144 M-777 हॉवित्जर तोप ऑप्टिकल फायर कंट्रोल से लैस है। इस टेक्नोलॉजी के जरिए चालीस किलोमीटर दूर से ही भारतीय सेना आने दुश्मन पर सटीक निशाना लगा सकती है। इसमें डिजिटल फायर कंट्रोल भी है। ये तोप एक मिनट में पांच राउंड फायर कर सकती है। यानी ये तोप अगर भारतीय सेना के बेड़े में शामिल हुई तो काफी दूर बैठकर ही चीन और पाकिस्तान की हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सकता है। अमेरिका सेना इन तोपों का इस्तेमाल साल 2005 से कर रही है। अमेरिका ने इन तोपों का इस्तेमाल अफगानिस्तान की लड़ाई में भी किया था।





