फसल बीमा योजना में करोड़ों का खेल! कृषि मंत्री की छापेमारी के बाद 165 पर FIR

हनुमानगढ़ में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कथित बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की छापेमारी के बाद एसबीआई पल्लू शाखा के बैंक कर्मियों सहित 165 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। जांच में फर्जी किसान खाते, संदिग्ध बीमा क्लेम और डिजिटल बैंकिंग में हेराफेरी के गंभीर संकेत मिले हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कथित गड़बड़ियों को लेकर हनुमानगढ़ जिले में बड़ी कार्रवाई हुई है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की छापेमारी के बाद पल्लू थाना में एसबीआई पल्लू शाखा के बैंक कर्मियों सहित 165 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस प्रकरण में धोखाधड़ी, जालसाजी, डिजिटल रिकॉर्ड से छेड़छाड़ और सरकारी योजना में अनियमितता सहित कई धाराएं लगाई गई हैं।
करोड़ों के संदिग्ध क्लेम और फर्जी खातों का मामला
सूत्रों के अनुसार यह मामला करोड़ों रुपये के संदिग्ध बीमा क्लेम, फर्जी किसान खातों और डिजिटल बैंकिंग गड़बड़ियों से जुड़ा हुआ है। जांच के दौरान एक ही मोबाइल नंबर से कई खाते संचालित होने, समान केवाईसी दस्तावेजों पर खाते खोले जाने और अपात्र लोगों के नाम पर बीमा राशि जारी होने जैसी बातें सामने आई हैं।
कृषि मंत्री की छापेमारी के बाद शुरू हुई जांच
बताया जा रहा है कि कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा को लंबे समय से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद उन्होंने अचानक एसबीआई पल्लू शाखा पहुंचकर रिकॉर्ड की जांच की। छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने विस्तृत एफआईआर दर्ज की।
डिजिटल ट्रांजैक्शन और रिकॉर्ड की गहन जांच
जांच एजेंसियों को शुरुआती स्तर पर कई संदिग्ध ट्रांजैक्शनों के संकेत मिले हैं। पुलिस अब खातों की पूरी ट्रांजैक्शन हिस्ट्री खंगाल रही है। सूत्रों के अनुसार फर्जी फसल बीमा खातों से जुड़े आधार, जनाधार और मोबाइल नंबर आदि का क्रॉस वेरिफिकेशन भी किया जा रहा है। राजस्व रिकॉर्ड और वास्तविक खेती क्षेत्र का मिलान कराने के लिए तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।
बैंक कर्मियों और अन्य आरोपियों पर मामला दर्ज
जानकारी के अनुसार मामले में बैंक कर्मचारियों, कथित एजेंटों, संदिग्ध खाताधारकों और दस्तावेज तैयार करने वालों को आरोपी बनाया गया है। सूत्रों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर आरोपियों की संख्या और बढ़ सकती है। पुलिस और तकनीकी एजेंसियां अब कोर बैंकिंग सिस्टम, डिजिटल ट्रांजैक्शन ट्रेल और संदिग्ध दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच में जुटी हुई हैं।





