फतेहपुर के नशीरपुर डढिय़ा गांव में कमरे के अंदर सो रही मां-बेटे की जलकर मौत…

खखरेड़ू थाना क्षेत्र के नशीरपुर डढिय़ा गांव में शनिवार भोर पहर कमरे में सो रही मां व तीन वर्षीय मासूम बेटे की आग में जलकर मौत हो गई। मां-बेटे की दर्दनाक मौत से गांव में मातम छा गया और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की है, घटना के समय पति घर पर नहीं था।
नशीरपुर डढिय़ा गांव निवासी धर्मेंद्र पाल पंजाब प्रांत में प्राइवेट नौकरी करता है, दो महीने पहले ही वह गांव आया था। गांव में पत्नी 26 वर्षीय सरिता व तीन साल का पुत्र कृष्णा उर्फ अनमोल रहते थे। धर्मेंद्र के माता-पिता अलग मकान में रहते हैं। शुक्रवार की शाम धर्मेंद्र पड़ोसियों के साथ शारदा देवी दर्शन के लिए मैहर मध्य प्रदेश चला गया था। घर पर पत्नी व बेटा अकेले थे। शनिवार भोर पहर तीन बजे कमरे में आग लगने और तेज धुआं निकलने लगा। कमरे के अंदर से मासूम के रोने की आवाज सुनकर आस-पड़ोस के लोग जाग गए। घर के पास जाकर ग्रामीणों ने देखा तो कमरे से तेज धुआं निकल रहा था।
दरवाजा तोड़कर ग्रामीण कमरे के अंदर घुसे और आग बुझाने के बाद मां-बेटे को बाहर निकाला। सरिता की कुछ देर बाद ही मौके पर मौत हो गई, जबकि बाबा जगजीत पाल एंबुलेंस से पौत्र अनमोल को सीएचसी खागा ले गए। चिकित्सक ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी मिलते ही सरिता के मायके देउरा मंझनपुर जनपद कौशांबी से माता-पिता व ग्राम प्रधान भी पहुंच गए। प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार राय ने बताया कि कमरे में शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हादसे की जांच की जा रही है, पति को भी सूचना दी गई है।





