पटना. राजद प्रमुख लालू प्रसाद के घर पर डॉक्टरों की तैनाती को लेकर विपक्ष ने तंज कसा है। मधेपुरा सांसद पप्पू यादव ने कहा कि ऐसे नेताओं के यहां डॉक्टरों की नहीं जल्लादों की तैनाती होनी चाहिए। गरीबों को डॉक्टर नहीं मिलते, लेकिन लालू परिवार के आराम के लिए डॉक्टरों का उपयोग हो रहा है।
डॉक्टर के अभाव में भटक रहे हैं गरीब…
– भाजपा नेता सह विपक्ष के नेता प्रेम कुमार ने कहा कि एक ओर जनता इलाज के अभाव में भटक रही हैं। दूसरी ओर स्वास्थ मंत्री के घर डॉक्टरों की तैनाती की जा रही है।
– लालू परिवार मामूली बात पर डॉक्टरों की पूरी टीम अपने घर पर खड़ा कर लेती है।
क्या है मामला
– राजद प्रमुख लालू प्रसाद मई में कई दिनों तक बीमार थे। उनकी देखरेख के लिए IGIMS के 3 सीनियर डॉक्टर और 2 मेल नर्सों को लालू के घर पर तैनात किया गया था।
– डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति 31 मई 2017 से लेकर 08 जून तक थी। आठ जून को जारी आईजीआईएमएस कार्यालय के आदेश के मुताबिक 9 जून से फिर से इन लोगों की आगे की ड्यूटी IGIMS में लगा दी गई।
इन डॉक्टरों की हुई है तैनाती
-जेनलर मेडिसिन डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष डॉ. नरेश कुमार।
– जनरल सर्जरी विभाग के विशेषज्ञ डॉ. कृष्ण गोपाल (अपर चिकित्सा अधीक्षक)।
– फॉरेन्सिक मेडिसिन विभाग के डॉ. अमन कुमार (उप चिकित्सा अधीक्षक)।
– इनके अलावा दो मेल नर्स अनिल सैनी (सीसीयू) और विक्रम चारण (न्यूरो ओटी) को भी लालू के घर पर लगाया गया है।
क्या कहता है नियम
– IGIMS के नियमानुसार ऐसी तैनाती नहीं की जा सकती है। यह पूरी तरह से गैर कानूनी है।
– इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पी के सिन्हा ने कहा कि यह ड्यूटी लालू यादव के आवास पर नहीं बल्कि स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव के आवास पर लगाई गई थी, जो हमारे बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन हैं।