पकिस्तान का बड़ा खुलासा, 6 विमानों से ऐसे अकेला लड़ रहा था अभिनंदन का विमान फिर अचानक..

पाक अधिकृत कश्मीर का होरन गांव, जहां भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने पैराशूट से छलांग लगाई थी. ये जिला भंबर जिले में आता है. ये गांव पहाड़ों पर ही बसा है और रास्ते भी ऊबड़-खाबड़ हैं. इस जगह पर पहली बार कोई टीम पहुंची. 
इसी गांव से करीब 250 मीटर की दूरी पर पाकिस्तानी फाइटर जेट से लड़ते हुए विंग कमांडर अभिनंदन का विमान क्रैश हुआ था. विमान क्रैश होने के बाद अभिनंदन इसी गांव की एक पहाड़ी पर पैराशूट से उतरे थे.
इसी जगह पर सुबह-सुबह विमान का मलबा गिरा, वहां हुए धमाके से पूरा गांव दहल गया. वहां आसपास के पेड़ मिनटों में खाक हो गए. करीब 10 दिन बाद भी उस जगह पर आज भी जहाज के मलबे के निशान देखे जा सकते हैं. वहां के लोगों से जानने की कोशिश की गई कि आखिर उस समय हुआ क्या था ?
इसी गांव में रहने वाले कामरान ने आसमान में होने वाली जंग देखी थी. 27 फरवरी की सुबह 9 बजकर 45 मिनट का समय हुआ था. कामरान के मुताबिक, कम से कम 6 जहाज एक दूसरे जहाज की घेराबंदी कर रहे थे जो पहाड़ों के पीछे से आया था. ये विंग कमांडर अभिनंदन का ही जहाज था. कामरान के देखते देखते ही अभिनंदन के विमान पर हमला हो गया. उसके बाद अभिनंदन को पैराशूट से नीचे उतरते भी देखा था. अभिनंदन, पैराशूट से धीरे-धीरे नीचे उतर रहे थे. वे इस बात से बेखबर थे कि नीचे की धरती दुश्मन देश की है.
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प्रत्यक्षदर्शी कामरान ने बताया, ” एक शख्स पैराशूट की सहायता से धीरे-धीरे नीचे उतर रहा था. हम उसके करीब जाना चाहते थे लेकिन उसके पास हथियार थे.” यहां के लोग इस बात को समझ चुके थे कि पैराशूट से उतरने वाला शख्स हिंदुस्तानी है. पाकिस्तानी आर्मी की तरह यहां के लोग भी उसके खून के प्यासे हो गए. वे अभिनंदन की तरफ दौड़ने लगे. गांव की भीड़ अभिनंदन को पूरी तरह कब्जे में लेना चाहती थी. इसलिए वे पहले सवाल के जवाब में झूठ बोले कि ये जगह हिंदुस्तान में ही है.
कामरान ने बताया कि वह हमसे पानी मांग रहे थे. मोबाइल भी मांग रहे थे कि मुझे बात करनी है. हमने कहा कि तुम अपने हथियार दूर फेंको. हम आपको पानी भी देंगे और मोबाइल भी देंगे. वे बोले कि मेरी कमर टूट चुकी तो हमने कहा कि हम अस्पताल भी लेकर जाएंगे.फिर उन्होंने पूछा कि ये इंडिया है या पाकिस्तान तो हमने कहा कि यह इंडिया है.
हालांकि पाकिस्तान की ये चाल अभिनंदन बहुत जल्दी समझ गए और इसके बाद अभिनंदन ने हिंदुस्तान जिंदाबाद का नारा लगाया तो वे इसका जवाब नहीं दे पाए. यहीं पर उन्हें शक हुआ और सबसे पहले उन्होंने जरूरी 3-4 दस्तावेज निकाल कर मुंह में चबाकर नीचे फेंक दिया जिससे कि वायुसेना से संबंधित गोपनीय जानकारी दुश्मन देश के हाथ न लग सके.
इसके बाद भीड़ को भी समझ में आ गया था कि अभिनंदन समझ चुके हैं कि वह भारत में नहीं हैं. लेकिन वे उनके पास नहीं जा रहे थे क्योंकि हाथ में पिस्तौल थी. अभिनंदन ने पानी मांगा लेकिन भीड़ ने मना कर दिया. पिस्तौल के सहारे वह दुश्मन देश के गांव से निकलने की कोशिश करते रहे लेकिन भीड़ उनका पीछा कर रही थी. नदी के पास में आकर जब किसी ने उनकी टांग की नीचे राइफल से गोली चलाई तब जाकर अभिनंदन ने पिस्तौल को फेंका. पिस्तौल फेंकते ही भीड़ निहत्थे हिंदुस्तानी पर टूट पड़ी. चंद सेकंडों के अंदर ऐसे हालात बन गए जैसे भीड़ जान लेकर ही मानेगी. आर्मी यहीं से अरेस्ट करके अपने साथ ले गई थी.
ये खबर पाकिस्तान में आग की तरह फैली. सेना के अफसरों को ये जानकारी आधी-अधूरी मिली जिसकी वजह से उन्होंने ऐलान किया कि दो भारतीय पायलट पकड़े गए हैं जबकि हकीकत में वह एक ही था.





