टी20 सीरीज में न्यूजीलैंड के खिलाफ 5-0 से जीत के बाद वनडे सीरीज में 0-3 हार टीम इंडिया के लिए निराशाजनक लगती है. फिर भी इस सीरीज में टीम इंडिया के नाम कई खास उपलब्धियां भी रहीं जो आगे उसके लिए बहुत काम आएंगी. इस सीरीज में सबसे बड़ी उपलब्धि रही टीम इंडिया के मिडिल ऑर्डर की वापसी. पूरी सीरीज में टीम इंडिया के लिए श्रेयस अय्यर ने ऩंबर चार और नंबर पांच पर शानदार खेल दिखाया. इसके अलावा मनीष पांडे ने भी आखिरी वनडे में काफी दम दिखाया. इस सीरीज से पहले टीम इंडिया के लिए मध्य क्रम एक बड़ी समस्या रहा था, लेकिन इस सीरीज ने वह समस्या हल कर दी. महिला क्रिकेट: भारत को हरा ऑस्ट्रेलिया ने जीती ट्राई सीरीज इस सीरीज में टीम इंडिया के स्पिनर्स ने शानदार प्रदर्शन किया. आम तौर पर टीम इंडिया न्यूजीलैंड जैसी मैदानों पर एक ही स्पिनर के साथ उतरती थी. वहीं ऑलराउंडर के नाम पर भी हार्दिक पांड्या या विजय शंकर जैसे तेज गेंदबाज उतरते थे. लेकिन इस बार रवींद्र जडेजा ने अपनी भूमिका बखूबी निभाई. वहीं युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव ने भी विपरीत हालतों में खराब प्रदर्शन नहीं किया. केएल राहुल ने की शानदार दोहरी भूमिका. इस मैच में टीम इंडिया के लिए केएल राहुल ने विकेटकीपर का मजबूत विकल्प दिया है. एमएस धोनी के जाने के बाद टीम इंडिया के लिए ऋषभ पंत का फॉर्म उतार चढ़ाव भरा रहा है, लेकिन केएल ने टीम इंडिया की पंत पर निर्भरता एक तरह से खत्म कर दी. केएल विकेट के पीछे जिम्मेदारी तो अच्छे से निभाई ही, खुद को नंबर पांच के स्थान के लिए बखूबी ढाला. इसके अलावा टीम इंडिया के लिए कुछ अहम सबक भी रहे जो कम से कम टेस्ट सीरीज के लिए बहुत ही अहम साबित होंगे. जसप्रीत बुमराह को अपने गेंदबाजी में धार लाने की जरूरत है जो वनडे सीरीज में एक भी विकेट नहीं ले सके और न ही न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों में वह खौफ पैदा कर सके जिसके लिये वे जाने जाते हैं.