तीन बच्चों के साथ ट्रेन के सामने कूदी महिला, ट्रैक पर बिखरे थे बॉडी के टुकड़े

औरंगाबाद (बिहार).एक महिला ने अपने तीन बच्चों के साथ चलती ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। जिसके कारण चारों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। घटना गया-मुगलसराय रेलखंड के रफीगंज स्टेशन के पास अप लाइन की है। ट्रेन से कटने के बाद चारों की बॉडी के कई टुकड़े हो गए थे जिससे शिनाख्त करने में परेशानी हो रही थी। दवा खरीदने के लिए घर से निकली थी महिला…
तीन बच्चों के साथ ट्रेन के सामने कूदी महिला, ट्रैक पर बिखरे थे बॉडी के टुकड़े
 
– पुलिस ने बताया कि मदनपुर थाना एरिया की रहने वाले रामजीत यादव की 25 साल की पत्नी अपने तीन बच्चों के साथ ट्रेन के आगे कूद गई।
– मृतकों में 25 साल की अनिता देवी, 8 साल का बेटा रोहित कुमार, तीन साल का बेटा अंकुश और पांच साल की बेटी रिषी कुमारी शामिल है। 

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– घटना के बाद लाश के कई टुकड़े हो गए थे। जिसके कारण शिनाख्त होने में परेशानी हो रही थी। 
– पुलिस के मुताबिक, घटनास्थल से बरामद आधार कार्ड से महिला और बच्चों की पहचान की गई। चारों की डेडबॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए सासाराम भेज दिया गया है।

 
दवा खरीदने के लिए निकली थी घर से
– मिली सूचना के अनुसार, मृतका अनिता देवी अपने घर से दवा खरीदने के नाम पर रफीगंज के लिए निकली थी। 
– दोपहर में अपने तीनों बच्चों को लेकर रफीगंज पहुंची। जहां स्टेशन के पास बैठी हुई थी। 
– इसी बीच अप लाइन पर आ रही मालगाड़ी आती दिखी। फिर उसने एक बच्चे को अपने गोद में उठाया और दो बच्चों का हाथ पकड़ बीच लाइन पर छलांग लगा दी। 
– घटना के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना पाकर रफीगंज थानाध्यक्ष संजय सिन्हा मौके पर पहुंचे और घटना का जायजा लिया।
 
सुबह से तीन बार पति से की बात, फिर बच्चों संग घर छोड़ा
– अनिता ने जान देने से पहले अपने पति से सुबह से लेकर दोपहर तक तीन बार बात की थी। दिल्ली में काम कर रहे पति से कही- घर कब आइयेगा। जवाब में पति ने कहा कि अभी नहीं आउंगा।
– अनिता का हसबैंड रामजीत पिछले 7 सालों से दिल्ली में एक कंपनी में ड्राइवर है। तीन माह पहले वह घर आया था। घरवाले दोनों के बीच लड़ाई-झगड़ा के भी बात से इनकार कर रहे हैं।
– लेकिन उसकी सास कहती हैं कि मंगलवार को सुबह से लेकर दोपहर तक तीन बार अपने पति से बात की थी। क्या पता। इसी दौरान दोनों के बीच कुछ कहासुनी हुई हो। वह अपने बच्चों को लेकर दवा खरीदने घर से निकली थी।
– अनिता के 3 साल के बेटे अंकुश को जन्म के बाद से ही मिर्गी का दौरा आता था। जिसके कारण वो अक्सर बीमार रहता था। पति भी बाहर था। ऐसे में अकेले वह काफी परेशान रहती थी।
– ऊपर से माली हालत भी ठीक नहीं था और ऐसे में तीन बच्चों के साथ-साथ बूढ़ी सास की जिम्मेदारी भी इसी पर थी। यही वजह है कि वह जीविका समूह से जुड़कर कुछ काम कर लेती थी। इससे कुछ कमाई हो जाती थी, जो घर के काम आ जाता था।
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