जानिए क्या है असली वजह बच्चों के होने वाले ये निशान है, वंशुनागत या फिर असामान्य ब्लीडिंग…
नई दिल्ली : पति- पत्नी के बीच के प्यार की डोर को मजबूत उनकी संतान करता है। हर बच्चा अपने माता-पिता के लिए खास होता है। बच्चे के हाव-भाव उसके पैरेंट्स से काफी मिलते हैं। जन्म के साथ बच्चे की त्वचा पर कई चीजें होती हैं इन्हें बर्थमार्क्स कहते हैं। यह बर्थमार्क्स त्वचा पर रंगत की मदद से पहचाने जा सकते हैं। यह बच्चे के जन्म के कुछ समय बाद ही दिखने लगते हैं। यह शरीर के किसी भी अंग पर हो सकते हैं। साथ ही किसी भी आकार के हो सकते हैं। ज्यादातर बच्चों को बर्थमार्क्स आनुवांशिकता की वजह से भी होते हैं। बर्थमार्क्स कई तरह के होते हैं यह अलग रंग और अलग आकार के होते हैं। जिसे शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। कुछ बर्थमार्क्स समय के साथ चले होते हैं तो बच्चे की ग्रोथ के साथ बढ़ जाते हैं।
इन्हें ट्रीटमेंट की मदद से हटाया जा सकता है। जानिए वो कारण जिसकी वजह से यह निशान होते हैं।पोस्ट वाइन स्टेन निशान त्वचा पर रेड वाइन गिर जाने जैसे दिखता है। यह निशान त्वचा की अंदरुनी सतह पर रक्त कोशिकाओं की असामान्य ब्लीडिंग की वजह से होते हैं। बच्चे की ग्रोथ के साथ यह बर्थमार्क्स बढ़ते जाते हैं। यह चेहरे, गर्दन, हाथ या पैर कहीं पर भी हो सकते हैं।मोनगोलिएन स्पॉट यह बर्थमार्क्स को आसानी से पहचाना जा सकता है।
यह निशान हल्के नीले रंग के होते हैं। इन पैचेज ज्यादातर कमर या कूल्हों पर होते हैं। यह समय के साथ हट भी जाते हैंमैकुलर स्टेन इस तरह के बर्थमार्क्स को बच्चे के शरीर पर आसानी से देख सकते है। यह बच्चे के माथे, नाक,गर्दन की पिछले हिस्से पर हो सकते हैं। यह बर्थमार्क्स कोशिकाओं के फैलाव की वजह से होते हैं। कहा जाता है कि यह निशान 1-2 में हट जाते हैं मगर कुछ बर्थमार्क्स जीवनभर रहते हैं।हेमानजियोमास जिस तरह से तिल शरीर के किसी भी अंग पर दिख सकते हैं। हेमानजियोमास भी उसी की तरह होते हैं। यह त्वचा की ऊपरी सतह पर जितने होते हैं उतने ही त्वचा के अंदर की तरफ होते हैं। यह ज्यादातर लाल रंग के होते हैं। बच्चे की ग्रोथ के साथ यह निशान भी बढ़ते जाते हैं।





