घर में शिवलिंग रखते समय किस दिशा में होनी चाहिए जलहरी?

घर में शिवलिंग की स्थापना करना बहुत शुभ माना जाता है और इनके पूजन से जीवन में समृद्दि बनी रहती है। शिवलिंग की स्थापना से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और कोई भी बुरी ऊर्जा घर से दूर होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में दैवीय आशीर्वाद और सुख-शांति बनाए रखने के लिए शिवलिंग को कुछ विशेष नियमों का पालन करते हुए घर में स्थापित करना चाहिए।
जिस तरह से वास्तु में शिवलिंग की सही दिशा को लेकर कुछ नियम बनाए गए हैं, वैसे ही शिवलिंग की जलहरी भी सही दिशा में रखनी चाहिए। आइए जानते हैं वास्तु के उन नियमों के बारे में।
घर में किस दिशा में रखें शिवलिंग?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में शिवलिंग रखने के लिए सबसे अच्छी दिशा उत्तर, पूर्व या ईशान कोण दिशा को शुभ माना जाता है। आपको शिवलिंग को हमेशा इसी दिशा में रखना चाहिए और जललहरी को उत्तर दिशा में रखना चाहिए।
ऐसा माना जाता कि इस दिशा में शिवलिंग की जलहरी रखने से अभिषेक का जल उत्तर दिशा की ओर प्रवाहित होना चाहिए। शिवलिंग को इस तरह रखना चाहिए कि पूजा करते समय भक्त का मुख पूर्व दिशा की ओर हो। शिवलिंग को हमेशा किसी स्वच्छ और पवित्र स्थान पर ही रखना चाहिए।
घर में शिवलिंग रखने के फायदे
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर में शिवलिंग की स्थापना और नियमित पूजा करने से सकारात्मकता बनी रहती है और परिवार के लोगों के बीच प्रेम बना रहता है।
शिवलिंग की नियमित पूजा और घर के वातावरण से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और वातावरण भी शुद्ध होता है। भगवान शिव की पूजा से परिवार में आर्थिक उन्नति और समृद्धि बनी रहती है।
यदि कोई व्यक्ति शिवलिंग पर नियमित जल चढ़ाता है और पूजा करता है तो घर में शांति और सौहार्द बना रहता है।
कैसे करें घर पर शिवलिंग की पूजा?
अगर आप अपने घर में शिवलिंग स्थापित करते हैं तो आपको शिवलिंग की नियमित रूप से श्रद्धापूर्वक पूजा करनी चाहिए।
शिवलिंग को नियमित स्नान कराने के बाद चंदन लगाएं और इसके बाद घी का दीपक जलाकर भगवान शिव का आराधना करें।
शिवलिंग के सामने बैठकर कम से कम 11 बार ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें।
ध्यान रखें कि वास्तु नियमों के अनुसार, आपको घर के मंदिर में बहुत बड़े आकार का शिवलिंग स्थापित नहीं करना चाहिए।
यदि आप घर में शिवलिंग की स्थापना कर रहे हैं तो आपको यहां बताए वास्तु नियमों का पालन जरूर करना चाहिए।





