इस देश में चलेगी दुनिया की पहली ग्रीन ट्रेन…

नई दिल्ली : पल्‍यूशन और ग्‍लोबल वॉर्मिंग के बढ़ते खतरे के बीच प्रदूषण रहित यातायात प्रणाली की दिशा में जर्मनी ने अहम कदम उठाया है।

%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9a%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80
यूरोप के इस देश ने दुनिया के सबसे पहले जीरो-इमिशन (उत्‍सर्जन रहित) पैसेंजर ट्रेन को दुनिया के सामने पेश किया है। द कोराडिया आईलिन्‍ट नाम की यह ट्रेन हाइड्रोजन गैस से चलती है और वायुमंडल में सिर्फ भाप का उत्‍सर्जन करती है। अगले साल से इससे परिवहन का काम शुरू कर दिया जाएगा। जर्मनी में यह चार हजार से ज्‍यादा डीजल ट्रेनों के विकल्‍प के तौर पर काम करेगी। इस ट्रेन का निर्माण फ्रांस की कंपनी ऑल्‍स्‍टम ने किया है।
इस साल के आखिर से इस ट्रेन की टेस्टिंग की शुरुआत हो जाएगी और आम लोगों के लिए दिसंबर 2017 से इसका इस्‍तेमाल शुरू हो जाएगा। नीदरलैंड्स, डेनमार्क और नॉर्वे जैसे यूरोपीय देशों ने भी इस ट्रेन में अपनी दिलचस्‍पी दिखाई है।
140 किलोमीटर प्रति घंटा होगी ट्रेन की रफ्तार
यह ट्रेन काफी बड़ी लिथियम आयन बैटरियों से चलती है और इन बैटरियों को हाइड्रोजन के फ्यूल टैंक से एनर्जी मिलती है। हाइड्रोजन का फ्यूल टैंक ट्रेन की छत पर लगा है। यह ट्रेन करीब 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से रोजाना 800 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है। ऑल्‍स्‍टम के सीईओ हेनरी ने एक बयान में कहा कि प्रदूषण रहित यातायात प्रणाली की दिशा में इस नई खोज को लॉन्‍च करते हुए ऑल्‍स्‍टम काफी गर्व का अनुभव कर रहा है। यह कस्‍टमर्स के साथ मिलकर काम करने और महज दो साल के भीतर इस ट्रेन को बनाने की हमारी काबिलियत को दिखाता है।
 
Back to top button