कार्यशाला : स्वरोजगार से होता है देश और समाज का विकास

लखनऊ। इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय केन्द्र, लखनऊ ने विद्यार्थियों को उद्यमिता विकास हेतु प्रोत्साहित करने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का विषय ‘इन्नोवेटिव आइडिया – इग्नाटिंग यंग मान्ड्स’ था।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता की भावना को विकसित करना : डाॅ. कीर्ति विक्रम सिंह
सहायक क्षेत्रीय निदेशक डाॅ. कीर्ति विक्रम सिंह ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता की भावना को विकसित करना है। विद्यार्थियों को इसके महत्व के विषय में अवगत कराना है। इस कार्यशाला में विद्यार्थियों को सरकार द्वारा युवाओं के स्टार्टअप हेतु आर्थिक सहयोग के लिए चलाई जा रही योजनाओं के विषय में बताया।
उप निदेशक डॉ. अनिल कुमार मिश्रा ने विश्वविद्यालय के इन्नोवेशन कान्उसिल द्वारा विद्यार्थियों में उद्यामिता विकास हेतु किये जा रहे प्रयासों के विषय में अवगत कराया। इग्नू द्वारा कौशल उन्नयन हेतु चलाये जा रहे कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से चर्चा की।
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को-चेयरमैन, पीएचडी चैम्बर आफ काॅमर्स मुकेश बहादुर सिंह ने वैश्वीकरण के दौर में उद्यमिता के क्षेत्रों के विषय में अपने विचार रखे। इसके अलावा सरकार द्वारा युवाओं के नवाचारों को सहयोग प्रदान करने वाली संस्थाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अगर युवा कोई ऐसा स्वरोजगार करता है, जिससे समाज एवं देश का विकास होता है, तो उसे निश्चित ही सफलता मिलती है।
डाॅ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी के डीन प्रो. विनित कन्सल ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के पास अपनी एक विशेष प्रतिभा होती है, जिसके माध्यम से वे अपने करियर नई उच्चाइयों तक पहुँचा सकता है, इसके लिए आवश्यक है कि व्यक्ति में आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच हो। मानव कुमार सिंह, समन्वयक, इग्नू अध्ययन केन्द्र, जेएनपीजी काॅलेज, बाराबंकी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर अरूण बरूआ, अनुभाग अधिकारी व अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।





