एक बार फिर कुदरत ने चमोली में बादल फटने से, तीन मकानों को पहुंचा नुकसान

एक बार फिर कुदरत ने चमोली में कहर बरसाया है। बीती रात जिले के घाट के धूर्मा ग्राम में इंटर कॉलेज के पास बादल फट गया। इससे तीन मकान, दो घराट, इंटर कालेज का बाथरूम सहित कृषि भूमि को नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने भाग कर अपनी जान बचाई।
जानकारी के अनुसार, घटना बीती रात करीब दो बजे की है। घाट के धुर्मा गांव में रात को बादल फटने से तबाही मची है। इससे सात मकान क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, एक घराट, एक पुलिया सहित पैदल रास्ते और पेयजल लाइन को नुकसान पहुंचा है। रात करीब दो बजे इलाके में भारी वर्षा शुरू हुई। तीन बजे लगभग गांव के उपर फुरफड़ी तोक में बादल फटने से रिखड़पना गदेरा उफान पर आ गया। गदेरे में पानी के साथ मलबा, पत्थरों के बह कर आने से धुर्मा गांव में तबाही मची।
गदेरे की तेज आवाज सुनकर अनहोनी के अंदेशे से ग्रामीण घरों को छोड़कर भाग गए, जिससे लोगों की जान बच गई। आपदा में जजवीर पुत्र बलवंत सिंह, महावीर पुत्र वलवंत सिंह, बलवीर सिंह पुत्रदुलभ सिंह, विक्रम सिंह पुत्र बदवीर सिंह, विजेंद्र सिंह पुत्र बलवीर सिंह, चतर सिंह पुत्र विजेंद्र सिंह सहित इंटर कालेज मौख के भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं। सूचना पर आपदा प्रबंधन टीम मौके पर पहुंच गई है।
बता दें कि शनिवार तड़के पिथौरागढ़ और चमोली जिले में तीन इलाकों में बादल फटने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। 100 से ज्यादा घरों, होटलों और दुकानों में बरसाती नालों के उफान के साथ आया मलबा घुस गया। 40 से 50 आवासीय भवन और छह गोशालाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। एसडीआरएफ टीम ने मलबे में दबे लोगों और मवेशियों को रेस्क्यू किया। राजस्व विभाग की टीमें क्षति का आकलन कर रही हैं। बदरीनाथ मार्ग अवरुद्ध होने के चलते करीब डेढ़ हजार श्रद्धालु विभिन्न पड़ावों पर फंसे हुए हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जिलाधिकारियों से नुकसान की स्थिति की जानकारी ली।
कुमाऊं मंडल में पिथौरागढ़ जिले की मुनस्यारी तहसील के तल्ला जोहार के टिमटिया क्षेत्र में सुबह करीब तीन बजे बादल फटने से बरसाती गदेरे में उफान आ गया। इससे एक आवासीय मकान ध्वस्त हो गया, उसमें रह रहे 60 वर्षीय रामसिंह की मौत हो गई। उनकी पत्नी धनी देवी पड़ोसी महिला चंद्रा देवी घायल हो गए। क्षेत्र के तीन दर्जन से ज्यादा घरों में मलबा और पानी घुस आया। एक दर्जन से अधिक जानवर मलबे में दफन हो गए। भुजगड़ नदी के उफान पर आने से एक मैक्स जीप और दो मोटरसाइकिल बह गई हैं। तीन दर्जन के आसपास मकान क्षतिग्रस्त हो गए और करीब इतने ही मकान खतरे की जद में आ चुके हैं।
रातीगाड़ के पास थल-मुनस्यारी मार्ग की करीब सात सौ मीटर सड़क नदी में समा गई है। दूसरी तरफ, बागेश्वर जिले में कपकोट के सूडिंग गांव में अतिवृष्टि ने जमीन धंसने लगी। लोगों ने घरों से भागकर सुरक्षित स्थानों का रुख किया। यहां 12 मकान खतरे की जद में आ गए हैं। यहां सरयू नदी के उफान को देखते हुए प्रशासन नदी किनारे बसें लोगों की निगरानी कर रहा है। टनकपुर-चम्पावत हाईवे मलबा आने के कारण सुबह दो घंटे बंद रहा। नैनीताल में सुबह से कोहरा छाया हुआ है।





