आजमाएं ये 4 तरीके करोड़पति बनने के लिए, आज से ही हो जाये तैयार…

हम में से ज्यादातर युवाओं की यही कोशिश रहती है कि वे जल्द से जल्द अपनी पढाई पूरी करके अपने करियर को एक नई दिशा दें। 20 वर्ष की आयु तक पहुंचते पहुंचते अगर कुछ युवा कमाई शुरू कर देते हैं तो भी वे उस वक्त संघर्ष करने की स्थिति में रहते हैं क्योंकि उनकी आय सिमित होती है। अगर कमाई की शुरुआती उम्र से युवा बचत के साथ निवेश की भी आदत डालें तो एक समय ऐसा भी आएगा जब वह करोड़पति बन सकते हैं। इस खबर में हम आपको पांच ऐसे टिप्स बता रहे हैं जिनको फॉलो करके आप अच्छा खासा पैसा बचा सकते हैं।

अपनी आय का 50 परसेंट बेसिक जरूरतों पर खर्च करें
फाइनेंशियल एक्सपर्ट का कहना है कि आपकी कमाई का बेसिक खर्च 50 फीसद से अधिक नहीं होना चाहिए। इन खर्चों में आपके घर का किराया, यूटिलिटी बिल, यातायात के खर्चे, टर्म इंश्योरेंस, क्रेडिट कार्ड की EMI वगेरा। अगर अभी आप 50 फीसद से ज्यादा खर्च करते हैं तो इन खर्चों पर तुरंत लगाम लगाने की कोशिश करें। अगर आप अपने हाउस रेंट और यूटिलिटी बिल को लेकर 20 फीसद से ज्यादा खर्च करते हैं तो ऐसे में आपको इन खर्चों में कटौती करना होगा और अगर आप बैचलर हैं तो अपने किसी साथी कर साथ भी अलग रूम में शिफ्ट हो सकते हैं, इससे किराया बंट जाएगा और आपका खर्च कम हो जाएगा।
सोच समझकर खर्च करें
इस उम्र में अक्सर ऐसा होता है जब लोग महंगा स्मार्टफोन, गैजेट्स, बाहर खाना, कपड़े खरीदने और छुट्टियों पर जाने जैसी कई सारे खर्चों में उलझे होते हैं। हालांकि, इन खर्चों को पूरी तरह से रोका नहीं जा सकता है, लेकिन इसकी भी एक सीमा होनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि इस ऐज ग्रुप में लोगों को अपनी आय का 20% से अधिक उपरोक्त सुविधाओं पर खर्च नहीं करना चाहिए।
वेतन वृद्धि होने पर खर्च को न बढ़ाएं
अक्सर देखा जाता है कि लोग वेतन वृद्धि होने पर अपने स्टैण्डर्ड ऑफ लिविंग को बढ़ाते हैं, जैसे अपनी कार बेचकर कोई महंगी कार खरीदना, किसी बड़े घर में शिफ्ट होना, शानदार घरेलू उपकरण खरीदना इत्यादि। वेतन वृद्धि के साथ पैसे बचाने पर भी ध्यान दें। इसलिए अपने वार्षिक वेतन वृद्धि के कम से कम 50 फीसद को बचाने की आदत डालें। वेतन वृद्धि मिलते ही हर साल अपनी एसआईपी राशि को कम से कम 10% बढ़ाएं।
आय का कम से कम 30% बचाएं
जैसे ही आप कमाना शुरू करते हैं, अपने छह महीने के वेतन के बराबर एक इमरजेंसी फंड बनाएं ताकि नौकरी छूटने या अस्पताल में भर्ती होने जैसी आपात स्थिति में आप उसका इस्तेमाल कर सकें। अपने वेतन में वृद्धि के साथ अपने इमरजेंसी फंड को बढ़ाते रहें। आप इस राशि को बचत खाते में या म्युचुअल फंड में लगा सकते हैं।
एक बार जब आप इमरजेंसी फंड में बनाते हैं, तो अपने छोटे और दीर्घकालिक लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करें जैसे शादी, कार खरीदना, फ्लैट खरीद और रिटायरमेंट। हर गोआल के लिए अलग निवेश निर्धारित करें। मसलन, अगर आप अगले तीन वर्षों में 5 लाख रुपये की कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपको 1 लाख रुपये के डाउन पेमेंट की जरूरत है। यह राशि 3,000 रुपये के मंथली रेकरिंग डिपॉजिट या शार्ट टर्म डेब्ट ओरिएंटेड फंड में SIP के जरिये जमा की जा सकती है जिसमें आपको 7-8% का रिटर्न मिल सकता है।





