आईफोन ने जताई रेवेन्यू में गिरावट की आशंका तो शेयर 10% लुढ़के, चीन में बिक्री घटना वजह
बाजार में आईफोन के आने के बाद पहली बार कंपनी ने नतीजों के आने से पहले रेवेन्यू में गिरावट का अनुमान लगाया है। एपल के सीईओ टिम कुक ने दिसम्बर तिमाही में बिक्री में गिरावट होने की आशंका जताई है। कुक के मुताबिक यह गिरावट चीन में बिक्री के घटने से होगी। कुक के मुताबिक यह गिरावट 5.5% रहेगी। गुरूवार को जैसे ही बाजार खुले कंपनी के शेयरों में 10 फीसदी की गिरावट आ गई।
पांच महीने पहले तक एक ट्रिलियन डॉलर (70 लाख करोड़ रुपये) वाली दुनिया की पहली कंपनी थी मगर पांच लाख करोड़ का मार्केट कैप अब घटकर 47.5 लाख करोड़ रह गया है। एपल लुढ़ककर चौथे नंबर पर आ गई है।
कंपनी और सीईओ के अनुमान अलग-अलग
एपल का वित्तीय वर्ष 30 सितंबर को शुरू होता है। 29 दिसंबर को पहली तिमाही पूरी हुई थी। इस महीने 29 जनवरी को दिसंबर तिमाही ने नतीजे सामने आएंगे। कुक ने 5.8 लाख करोड़ रेवेन्यू का अनुमान लगाया है जबकि कंपनी ने 6.2 से 6.5 लाख करोड़ का अनुमान लगाया था। कुक ने निवेशकों को लिखी अपनी चिट्ठी में कहा है कि विकाशशील देशों में मुश्किलों का अनुमान तो उन्हें था मगर चीन की खराब स्थिति भांपने में वह चुक गए। चीन में कंपनी की विकास दर घट रही है और ट्रेड वॉर ने दबाव को बढ़ा दिया है।
चीन में गिरावट के कारण
लगभग 19 महीने बाद चीन में एपल की मैन्युफैक्चरिंग में गिरावट आई है। कंपनी को इस स्थिति का अनुमान नहीं था। जानकारों के मुताबिक अमेरिका के कहने पर कनाडा में हुवावे (चीन कि मोबाइल कंपनी) की सीएफओ की गिरफ्तारी हुई इस कारण चीन के लोगों ने एपल के उत्पाद खरीदने बंद कर दिए। दिलचस्प बात यह है कि ज्यादातर एपल चीन में ही बनते है। एपल का 20% रेवेन्यू भी चीन से ही आता है।
आइफोन के अलावा कंपनी के मैक कंप्यूटर और आईपैड की बिक्री में भी गिरावट देखी गई है। कहा जा रहा है कि कीमतों के बढ़ने के बावजूद तकनीक में कोई ख़ास सुधार नहीं हुआ इस वजह से भी आइफोन के प्रोडक्ट्स कि मांग कम हो रही है। तीन महीने में एपल का मार्केट कैप 30 लाख करोड़ रु. गिरा
एपल के अलावा साल 2018 में पांच टेक कंपनियों की वैल्यू 70 लाख करोड़ घटी है।





