जम्‍मू-कश्‍मीर की ज़ायरा वसीम ने सोशल मीडिया पर किया एक बड़ा खुलासा

- in कश्मीर, राज्य

मुंबई। ज़ायरा वसीम ने सोशल मीडिया के ज़रिए एक बड़ा खुलासा किया है। ज़ायरा पिछले कई सालों से डिप्रेशन यानि अवसाद की शिकार हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक लंबा नोट लिखकर अपनी दर्दभरी कहानी बयां की है, जिसे पढ़ने के बाद लगता है कि पिछले कुछ सालों से उनकी ज़िंदगी कितने ख़तरनाक दौर से गुज़री है। ज़ायरा ने पूरी तरह ठीक होने के लिए सोशल मीडिया और सोशल लाइफ़ से ब्रेक लेने की बात कही है।जम्‍मू-कश्‍मीर की ज़ायरा वसीम ने सोशल मीडिया पर किया एक बड़ा खुलासा

ज़ायरा ने इस नोट की शुरुआत करते हुए लिखा है- ”मैं आख़िरकार यह स्वीकार कर रही हूं कि लंबे समय से मैं गंभीर मानसिक बेचैनी और अवसाद की शिकार हूं। लगभग 4 साल से इसलिए स्वीकार नहीं कर पा रही थी क्योंकि अवसाद शब्द को सोशल स्टिग्मा माना जाता है और अक्सर कहा जाता है, अवसाद के लिए तुम बहुत छोटी है या ये महज़ एक दौर है जो गुज़र जाएगा।” बता दें कि ज़ायरा वसीम अभी 17 साल की हैं और इसी साल अक्टूबर में वो 18 साल पूरा करेंगी।

ज़ायरा ने आमिर ख़ान की फ़िल्म दंगल में गीता फोगाट के बचपन का किरदार निभाया था, जबकि सीक्रेट सुपरस्टार में उन्होंने एक मुस्लिम लड़की का रोल प्ले किया था, जो सिंगर बनने का सपना पूरा करने के लिए दकियानूसी सोच रखने वाले पिता से लड़ जाती है। बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट का नेशनल अवॉर्ड भी वो जीत चुकी हैं।

इन फ़िल्मों में ज़ायरा के काम की काफ़ी तारीफ़ हुई थी। ज़ायरा अपनी फ़िल्मों के अलावा कुछ ऐसी बातों के लिए भी ख़बरों में रह चुकी हैं, जो उनकी निजी ज़िंदगी से जुड़ी हैं। पिछले साल सोशल मीडिया में उनकी एक फोटो वायरल हुई थी, जिसमें वो जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के साथ नज़र आ रही थीं। इस तस्वीर को लेकर ज़ायरा की काफ़ी ट्रोलिंग हुई थी।

बाद में ज़ायरा ने इस मुलाक़ात के लिए माफ़ी भी मांगी थी। इसके बाद वो तब सुर्खियों में आयीं, जब हवाई यात्रा के दौरान उन्होंने एक सह यात्री पर मोलेस्टेशन का गंभीर इल्ज़ाम लगाया था। उस व्यक्ति को गिरफ़्तार कर लिया गया था।

बहरहाल, ज़ायरा के नोट से ऐसा लगता है कि पिछले कुछ सालों में उन्होंने जो प्रसिद्धि हासिल की है, उसकी क़ीमत भी चुकाई है। ज़ायरा आगे लिखती हैं- ”शायद ये महज़ एक दौर हो सकता था, लेकिन इस भयावह दौर ने मुझे ऐसी परिस्थिति में डाल दिया, जिसकी मैंने कभी चाहत नहीं की थी। हर रोज़ 5 एंटीडिप्रेसेंट गोलियां लेना, एंज़ाइटी अटैक्स, रातों को अस्पताल के लिए भागना, खालीपन महसूस करते रहना, बेचैनी, हेलुसिनेशंस, अधिक सोने पर शरीर में ज़ख़्म होने से लेकर कई हफ़्तों तक नींद ना आने तक, ओवर रिएक्टिंग से लेकर भूखा रहने तक, बेतहाशा थकान, शरीर में दर्द, आत्महत्या के ख़याल, सब इस दौर में हुआ।”

ज़ायरा के नोट के अनुसार, उन्हें पहली बार 12 साल की उम्र में अवसाद का दौरा पड़ा था, दूसरा 14 साल की उम्र में आया था। ज़ायरा लिखती हैं कि इसके बाद उन्हें याद नहीं, कितने दौरे पड़े। मगर, हर बार यही दिलासा दी गयी कि यह कुछ नहीं है। तुम्हारी उम्र में डिप्रेशन नहीं होता। ज़ायरा आगे लिखती हैं कि सच्चाई जानने के बाद भी उन्हें हमेशा इस भ्रम में रखा गया कि उन्हें कुछ नहीं हुआ है और वो हमेशा ख़ुद से झूठ बोलती रहीं।

ज़ायरा डिप्रेशन से निपटने के लिए लंबा ब्रेक लेना चाहती हैं। उन्होंने लिखा है, ”मैं हर चीज़ से ब्रेक लेना चाहती हूं, मेरा सामाजिक जीवन, मेरा काम, स्कूल और सोशल मीडिया। मैं रमज़ान के पाक महीने में उम्मीद कर रही हूं कि इस समस्या को हल करने का मौक़ा मिलेगा। अपनी दुआओं में मुझे याद रखना।” अंत में ज़ायरा ने उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया है, जिन्होंने इस सबके दौरान उनकी मदद की। ज़ायरा के इस नोट से ज़ाहिर है कि दंगल और सीक्रेट सुपरस्टार जैसी फ़िल्मों की शूटिंग के दौरान वो अवसाद की मानसिक स्थिति से गुज़र रही थीं।  

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