WWC17 Final: इंग्लैंड ने टॉस जीता, पहले बल्लेबाजी का लिया फैसला

लंदन: आईसीसी महिला विश्व के फाइनल मुकाबले के लिए भारत और इंग्लैंड की टीमें एक-दूसरे से भिड़ने के लिए तैयार है. क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले ‘लॉर्ड्स’ पर दोनों ही टीम फाइनल के जीत का जश्न मनाना चाहेगी, लेकिन किस्मत उसी का साथ देगी जो मैदान पर बेहतर खेल दिखाएगा.
हिला विश्व कप में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2005 में रहा जब टीम फाइनल में पहुंची, लेकिन ऑस्ट्रेलिया से हार गई. अब आज (रविवार, 23 जुलाई) होने वाला मैच ऐसा लम्हा साबित हो सकता है जो महिला क्रिकेट को लेकर भारत में सभी समीकरण बदल दे. भारत अगर खिताब जीत लेता है तो वह ऐसा करने वाली सिर्फ चौथी टीम बनेगा. महिला विश्व कप में अब तक सभी खिताब इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की झोली में गए हैं. खिताबी मुकाबले तक के सफर के दौरान टीम को सामूहिक प्रदर्शन का फायदा मिला जिसमें मिताली ने मोर्चे से अगुआई की. वह 392 रन के साथ ऑस्ट्रेलिया की एलिस पैरी (404) के बाद टूर्नामेंट की दूसरी सबसे सफल बल्लेबाज हैं.
भारतीय पुरुष टीम ने भी 1983 में लॉर्ड्स में ही वेस्टइंडीज की अजेय मानी जाने वाली टीम को हराकर अपना पहला विश्व कप जीता था और इसके बाद धीरे धीरे दुनिया में क्रिकेट और इस खेल की वित्तीय ताकत बना. रविवार (23 जुलाई) के मैच में जीत महिला क्रिकेट में भी इस तरह का बदलाव लाने की क्षमता रखती है. भारतीय टीम ने दूसरी बार खिताबी मुकाबले में जगह बनाई है. मिताली और झूलन गोस्वामी 2005 में उप विजेता टीम का हिस्सा थे और कल संभवत: उनके पास विश्व चैंपियन बनने का अंतिम मौका होगा.





