Home > जीवनशैली > रिसर्च में हुए इस खुलासे से लोगों की उडी नींद, जो व्यक्ति पार्टनर से चिपक कर सोता हैं वो…

रिसर्च में हुए इस खुलासे से लोगों की उडी नींद, जो व्यक्ति पार्टनर से चिपक कर सोता हैं वो…

इस दुनिया में 2 तरह के लोग पाए जाते हैं, एक जिनको अकेला रहना और अकेले पैर फैलाकर सोना बहुत ज्यादा पसंद होता है. वहीं दूसरी तरह के लोग जिन्हें न अकेला रहना पसंद होता है न अकेला सोना. कुछ समय पहले अमेरिका की  एक संस्था ने 1000 कपल्स को लेकर एक रिसर्च किया था. इसमें 500 कपल्स ने बताया की वो अपने पार्टनर से अलग होकर सोते हैं और वही बाकि बचे हुए 500 कपल्स ने बताया की वो अपने पार्टनर से चिपक कर सोते हैं

शोध में ये बात सामने आई की एक साथ चिपक कर सोने वाले कपल्स शारीरिक और मानसिक रूप से ज्यादा स्वस्थ थे. वहीं जितने भी कपल्स एक दूसरे से अलग होकर सोते थे, उनकी जिंदगी में बहुत सी शारीरिक और मानसिक परेशानियां  थी, तो चलिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं, चिपक कर सोने के फायदों के बारे में.

जितने भी लोग अपने पार्टनर से चिपक कर सोते हैं, उन्हें कभी भी अकेलापन महसूस नहीं होता और इस तरह सोने वाले लोगों को दूसरे लोगों के मुकाबले अच्छी नींद भी आती हैं.

कुछ इस तरह नापी जाती है महिलाओ की…. दुनिया के इन देशो में…

जो भी लोग अपने पार्टनर को गले लगाकर सोते हैं, उन्हें कभी भी सिरदर्द की समस्या नहीं होती, क्योंकि ऐसे लोगों को कोई भी तनाव नहीं होता और वो हमेशा फिट रहते हैं

शोध में ये भी पाया गया की शादी होने से पहले जो भी लोग चिडचिडे थे. शादी के बाद पार्टनर के साथ चिपक के सोने से उनका चिड़चिड़ापन बहुत हद तक कम हो गया था

जब भी कोई इंसान अकेला सोता है, तब वो बहुत सी चीजों के बारे में सोचता रहता है और हमेशा तनाव में ही रहता है, लेकिन पार्टनर को गले लगाकर सोने वाले लोगों को किसी भी प्रकार का कोई तनाव नहीं होता

शोध में एक और बात सामने आई है कि जो भी लोग अपने पार्टनर से चिपक कर सोते हैं, उनकी याददाश्त दूसरे लोगों के मुकाबले बहुत ज्यादा तेज होती हैं, ऐसे लोगों का दिमाग धीरे-धीरे तेज होने लगता है.

Loading...

Check Also

पत्नी की इन 5 हरकतों के कारण, पति-पत्नी का रिश्ता हमेशा के लिए हो जाता है खत्म

दांपत्य जीवन में पति-पत्नी के बीच आपसी विश्वास बेहद जरूरी होता है. पर कई बार …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com