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3 साल में एक लाख बच्च‍ियों से रेप, इसलिए नाबालिगों से रेप मामले में फांसी की मांग

कठुआ गैंगरेप जैसे मामलों में बच्चों के साथ हुए शोषण, रेप और हत्या के दो मामलों ने देश में गुस्से की लहर पैदा कर दी है. देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग विरोध प्रदर्शन कर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. वहीं देश में नाबालिगों के ख‍िलाफ रेप के मामले बढ़ते जा रहे हैं. यही वजह है कि नाबालिगों से रेप मामले में फांसी की मांग हो रही  है.  12 साल तक की बच्ची से रेप के दोषियों को मौत की सजा देने के प्रस्ताव को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. अब सरकार इसके लिए अध्यादेश लाएगी.

पीआबी की एक रिपोर्ट के अनुसार 2014 से 2016 तक 3 साल में 1 लाख से ज्यादा नाबालिगों के साथ रेप या गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया.

2014 में 34449 नाबालिगों के साथ रेप या गैंगरेप केसेज रिपोर्ट किए गए.

2014 में नाबालिगों के साथ रेप या गैंगरेप केसों में 41732 लोगों को अरेस्ट किया गया.

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वहीं 2014 में 2686 लोगों को नाबालिगों के साथ रेप या गैंगरेप केसों में दोषी पाया गया.

2015 में 34505 नाबालिगों के साथ रेप या गैंगरेप केसेज रिपोर्ट किए गए.

2015 में नाबालिगों के साथ रेप या गैंगरेप केसों में 41090 लोगों को अरेस्ट किया गया.

वहीं 2015 में 4567 लोगों को नाबालिगों के साथ रेप या गैंगरेप केसों में दोषी पाया गया.

ऐसे में 2014 से 2016 तक नाबालिगों के साथ कुल 1 लाख 4 हजार 976 रेप या गैंगरेप की घटनाएं हुईं. जबकि सिर्फ 11, 266 लोगों को इस मामले में सजा हुई. कैबिनेट की बैठक में ‘प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस’ यानी POCSO एक्ट में संशोधन को मंजूरी मिलने से 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप के दोषियों को मौत की सजा दिए जाने का रास्ता साफ हो गया.

 
 
 
 
 
 
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