मजीठिया पर करो कार्रवाई, लोकसभा की सभी 13 सीटें जितवाऊंगा: सिद्धू

चंडीगढ़। नशे के खिलाफ चौतरफा घिरने के बाद बुलाई गई कैबिनेट की आपात बैठक में सरकार के मंत्रियों व विधायकों ने स्पष्ट कर दिया कि अब वक्त आ गया है, जब कड़े कदम उठाए जाएं। बैठक में जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा व स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया पर निशाना साधा और उन पर नशे की तस्करी को लेकर कार्रवाई की मांग की। सिद्धू ने तो कहा, मजीठिया पर कार्रवाई करो, मैं लोकसभा चुनाव में राज्‍य की सभी 13 सीटों पर कांग्रेस की जीत का जिम्‍मा लेता हूं।मजीठिया पर करो कार्रवाई, लोकसभा की सभी 13 सीटें जितवाऊंगा: सिद्धू

कैबिनेट में उठी मांग, भोला ड्रग्स केस वापस ले मजीठिया पर हो कार्रवाई

नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, मजीठिया के खिलाफ कार्रवाई बेहद जरूरी है। सरकार यदि मजीठिया पर कार्रवाई करती है तो आने वाले लोकसभा चुनाव में 13 सीटें जीतकर देने की जिम्मेवारी उनकी होगी। कैबिनेट में विशेष तौर पर बुलाए गए गुरदासपुर के सांसद व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी लोगों में सरकार की खराब हो रही छवि को लेकर सीधे वार किए। उन्होंने कहा कि अभी केवल सोशल मीडिया में ही राजनेताओं के फोटो पर कालिख पोती जा रही है, अगर अब नहीं जागे तो लोग यही कालिख हमारे मुंह पर भी पोतेंगे।

जाखड़ बोले, अभी तो सोशल मीडिया पर हो रहा मुंह काला, न जागे तो लोग करेंगे

ज्यादातर मंत्री इस बात को लेकर सहमत थे कि पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया के खिलाफ कोई कार्रवाई न किए जाने का उलटा असर पड़ रहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह कहते हुए स्थिति को स्पष्ट करने की कोशिश की कि यह केस पूर्व सरकार ने सीबीआइ को सौंप दिया था, उसे वापस नहीं लिया जा सकता। इस पर जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि सरकार यह केस वापस क्यों नहीं लेती? उन्होंने कहा कि यह केस वापस लेकर एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर मजीठिया पर कार्रवाई करनी चाहिए।

इससे पहले सिद्धू ने एसटीएफ की रिपोर्ट को आधार बनाकर मजीठिया के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जब मोर्चा खोला तो कैप्टन ने उन्हें अधिकारियों के सामने इस तरह की बात करने से रोक दिया। बाद में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने अफसरों से सीबीआइ से केस वापस लेने संबंधी जानकारी मांगी तो यह बात सामने आई कि अगर यह केस वापस लिया जाता है, तो सरकार की और बदनामी हो सकती है। बाद में कैबिनेट में से जब सभी अफसर चले गए, तो सिद्धू ने एक बार फिर से यह मुद्दा उठाया। उन्होंने तो यहां तक कहा कि वर्षों से एक ही थाने में एसएचओ लगने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। उनका साथ सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी दिया।

डीजीपी के खिलाफ फूटा रंधावा का गुस्सा

मीटिंग में जब पुलिस कर्मियों पर अंगुलियां उठ रही थीं, तो डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने कहा कि विधायक ही अपने मनपसंद स्टेशनों पर एसएचओ की तैनाती करवाते हैं। इस पर सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि राजजीत और इंद्रबीर जैसे अफसरों को एसएसपी किसने लगवाया है? इसके अलावा उन्होंने दो और पुलिस अधिकारियों पर भी अंगुली उठाई जो डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने लगवाए हैं। यही नहीं, जब सुरेश अरोड़ा ड्रग्स पकड़ने व तस्करों को दबोचने के आंकड़े दे रहे थे, तो नवजोत सिद्धू ने कहा कि ये आंकड़े तो पिछली सरकारें भी देती रही हैं, लेकिन आम लोगों को हमारी छवि क्या है? यह सोशल मीडिया को देखकर ही पता चल जाता है।

पहली बार खुलकर बोलीं रजिया, बाजवा चुप

इससे पहले मीटिंग के शुरू में ही तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने सरकार की ओर से ड्रग तस्करों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का बखान अभी शुरू किया था कि कैबिनेट मंत्री रजिया सुल्ताना ने कहा उनके हलके सबसे ज्यादा चिट्टा बिकता है। उन्होंने कई आकंड़े भी दिए। मीटिंग में मुख्यमंत्री के सलाहकार तेजिंदर सिंह शेरगिल ने भी गार्डियंस ऑफ गवर्नेंस की ओर से दिए आंकड़े भी बताए कि किस गांव में कितने लोग नशेड़ी हैं, तो इस पर चोट करते हुए सिद्धू बोले, लेकिन क्या हमने यह जानने की कोशिश की है कि आखिर इन लोगों को नशा मिल कहां से रहा है?

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