जब जनता के पैसों पर नेता करते हैं मौज, इसका नमूना जानकर आप हो जाएंगे हैरान

कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के शपथग्रहण समारोह में एक ही मंच पर कांग्रेस, सपा, बसपा, आप, राजद के साथ अन्य कई दलों के दिग्गज नेताओं ने विपक्षी एकता का जो ढोल पीटा था उसका खर्च अब सामने आया है। जनता के पैसों पर नेता कैसे मौज काटते हैं इसका नमूना जानकर आप हैरान हो जाएंगे।  जब जनता के पैसों पर नेता करते हैं मौज, इसका नमूना जानकर आप हो जाएंगे हैरान

एक आरटीआई के मुताबिक, 7 मिनट के शपथ ग्रहण समारोह पर कर्नाटक सरकार ने 42 लाख रुपये खर्च कर डाले। शपथ ग्रहण में सबसे ज्यादा खर्च आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू पर किया गया। इस फेहरिस्त में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का भी नाम है।

दरअसल कर्नाटक में बीते 23 मई को कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार के शपथग्रहण कार्यक्रम में कुमारस्वामी ने विपक्ष के लगभग हर नेता को बुलाया था। आपको बता दें कुमारस्वामी के शपथग्रहण में 42 बड़े नेताओं को आमंत्रित किया था। इनमें सबसे ज्यादा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर 8,72,485 रुपये खर्च किए गए हैं। इसी प्रकार से कमल हासन भी फाइव स्टार होटल ताज वेस्ट एंड में ही रुके और उन पर करीब 1,02,040 का खर्च आया। उधर दिल्ली के सीएम केजरीवाल के बिल का खर्चा करीब 2 लाख रुपए आया। 

आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के चीफ और दिल्ली के सीएम केजरीवाल के बिल का खर्चा करीब 2 लाख रुपए तक पहुंच गया। अरविंद केजरीवाल ने फाइव स्टार होटल ताज वेस्ट एंड में 23 मई को सुबह 9:49 बजे चेक इन किया और 24 मई को सुबह 5:34 बजे चेकआउट किया। केजरीवाल के कर्नाटक आने के दिन से लेकर दिल्ली वापिस जाने तक खाने-पीने में 71,025 रुपये और बेवरेज के 5000 रुपये का बिल बना है। अरविंद केजरीवाल का कुल खर्च आया 1.85 लाख रुपये आया है।

इस पूरे मामले को लेकर राज्य की सरकार विपक्ष के निशाने पर है, ऐसे में राज्य सरकार की पूर्व लोकायुक्त जस्टिस संतोष हेगड़े ने सरकार की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि, सरकार को ऐसी बर्बादी की इजाजत नहीं देनी चाहिए।

आरटीआई के मुताबिक इससे पहले 13 मई 2013 को सिद्धारमैया और 17 मई, 2018 को बीएस येदियुरप्पा के शपथग्रहण के दौरान सरकार ने मेहमानों के रुकने का खर्च नहीं उठाया था, जबकि कुमारस्वामी के शपथग्रहण में 42 बड़े नेताओं को आमंत्रित किया गया था। इन सबके ठहरने और खाने-पीने पर सरकारी धन का इस्तेमाल किया गया है।

जेडी(एस) आई निशाने पर

केजरीवाल का समर्थन करते हुए आप के कर्नाटक संयोजक पृथ्वी रेड्डी ने कहा कि जिस पार्टी ने आमंत्रित किया था उसे पूरा खर्चा उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिल अदा करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। पार्टी के प्रवक्ता अश्वथ नारायण ने कहा कि 42 लाख रुपये जेडीएस के खाते से वसूल करने चाहिए। वहीं राज्य सरकार की पूर्व लोकायुक्त जस्टिस संतोष हेगड़े ने कहा कि जहां सरकार को अपने राज्य के विकास पर खर्च करना चाहिए वही इस तरह पैसों की बर्बादी की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए।

ममता बनर्जी के खर्च का ब्योरा नहीं दिया
आरटीआई में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर किए गए खर्च का ब्योरा नहीं दिया गया है। साथ ही आरटीआइ में ये भी ब्योरा नहीं दिया गया है कि नेताओं ने किस दम में कितना खर्च किया। मतलब उन्होंने ऐसा क्या खाया-पिया कि इतना लंबा-चौड़ा बिल बन गया।
 

शपथ ग्रहण में शामिल हुए प्रमुख नेताओं के खर्च का ब्योरा
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर 1,02,400 रुपये खर्च हुए।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती पर 1,41,443 रुपये।
केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन पर 1,02,400 रुपये।
कांग्रेस नेता अशोक गहलोत पर 1,02,400 रुपये।
सीपीएम नेता सीताराम येचुरी पर 64,000 रुपये।
झारखंड के पूर्वी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर 38,400 रुपये।
झारखंड के पूर्वी मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी पर 45,952 रुपये।
एनसीपी नेता शरद पवार पर 64,000 रुपये।
एआइएमआइएम प्रमुख असद्दुदीन ओवैसी पर 38,400 रुपये।

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